पूर्वजों की अंतिम इच्छा करने पहुंचे गया।
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पूर्वजों की अंतिम इच्छा पूरी करने पहुंचे हैं गया
वहीं गयापाल पंडा दुर्गा ने बताया कि हमारे पूर्वज भी हरियाणा और पाकिस्तान के कुछ हिस्से के लोगो को गया आने पर पिंडदान और तर्पण करवाते थे। हमलोग भी अपने पूर्वजों के रास्ते पर चल कल उनसभी जगहों से आने वाले लोगो का पिंडदान करवाते है। ऐसे ही एक परिवार हमारे पास हरियाणा के जिंद से पहुंचे है। जिनके पूर्वज पाकिस्तान में रहते थे और उनके पूर्वजों की मृत्यु पाकिस्तान के मुल्तान जिले में हुई थी। अब उनके वंशज के लोग गया जी में अपने पूर्वजों के नाम से पिंडदान करने पहुंचे है। ताकि उनके पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति हो सके। वही बताया की इनके पूर्वजों की इच्छा थी की हमारा पिंडदान गया जी में हो और उसी इच्छा को पूरा करने के लिए यह लोग गया पिंडदान करने आए हुए है।