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Bihar: मेले में मची भगदड़ से रोकने का अनोखा उपाय, शिक्षक ने गीत गाकर बच्चों को किया जागरूक

Thu, 10 Oct 2024 02:20 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर

सार

Bihar News: जिले के चर्चित शिक्षक बैद्यनाथ रजक अपने अनोखे अंदाज में बच्चों को भगदड़ और भीड़ से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं। इनका वीडियो लोगों के द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है।
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शिक्षक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बच्चों को पढ़ने और उसे जागरूक करने को लेकर अपने अंदाज के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले शिक्षक बैजनाथ रजक का एक वीडियो इन सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। उक्त वीडियो में शिक्षक बच्चों को भगदड़ और भीड़ से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं।

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शिक्षक बैद्यनाथ रजक का नया वीडियो
वायरल वीडियो में शिक्षक गीत के माध्यम से बच्चों को माता-पिता या अपने बड़े बुजुर्ग के साथ मेला में घूमने, रास्ते में सावधानी के साथ बाएं चलने देखकर सड़क पार करने और अत्यधिक भीड़ का हिस्सा न बनने की नसीहत देते नजर आ रहे हैं।

बच्चों को जागरूक करते शिक्षक बैद्यनाथ रजक
'सुन-सुन रे चुनवा मुनवा': गीत के माध्यम से वो बच्चों को कहते हैं कि सुन-सुन रे चुनवा मुनवा, हमरो बचनिया कि मेला में रखिए एतना ध्यान रे...भगदड़ भीड़ से खुद के बचइहिए। समय नई रहि छै समान हे.. पापा के हाथ ना छोड़िए मम्मी के साथ ना छोड़िहिएं..नई छोड़िहिएं अपना सब के संग रे..घर के मोबाइल नंबर याद तू रखिए, नई घटतो तोहरो उमंग रे..
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भगदड़ और भीड़ से बचने के लिए बच्चों को किया जागरूक
शिक्षक बैद्यनाथ रजक ने ब्लैकबोर्ड पर भी भगदड़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लिखा है जो इस प्रकार है। भगदड़ के दौरान भागती हुई भीड़ के विपरीत दिशा में न भागें, हाथों को छाती के सामने रखकर आगे बढ़ें और अपनों का हाथ पकड़े रहें।  शिक्षक का कहना है कि बच्चों को ज्यादा अनुभव नहीं होता है।  इसलिए उनके साथ परिवार के किसी सदस्य का होना आवश्यक होता है,ताकि उनकी सुरक्षा और मार्गदर्शन हो सके। 

गीत के जरिए बच्चों को किया जागरूक
शिक्षक बैद्यनाथ रजक वर्ष 2006 से ही समस्तीपुर जिले के प्राथमिक कन्या विद्यालय मालदह हसनपुर में पदस्थापित हैं और लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करते आ रहे हैं। इससे पहले भी उनका आपदा से बचाव, खेल-खेल में पढ़ाने, बच्चों को विद्यालय से जोड़ने,चमकी को धमकी देने,किताब से दिल लगाने और लू पर बनाया गया गीत काफी सुर्खियां बटोर चुके हैं।

बच्चों को खूब भाता है शिक्षक का अनोखा अंदाज
एक तरफ जहां सरकारी विद्यालय की व्यवस्था पर प्रायः अंगुली उठती रहती है, वहीं बैद्यनाथ रजक जैसे शिक्षक पूरी तरह से इसे खारिज कर रहे हैं। इनके पढ़ाने के अनोखे अंदाज और उत्कृष्ट शिक्षण शैली के कारण ही बिहार सरकार ने भी इन्हें इस वर्ष का राजकीय शिक्षा पुरस्कार प्रदान किया है।

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