चुनाव प्रचार के दौरान इंडिया प्रत्याशी सनी हजारी तथा एनडीए प्रत्याशी शांभवी चौधरी
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समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर कौन काबिज
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र की छह विधानसभा सीटों में से जदयू को तीन कुशेश्वरस्थान से शशिभूषण हजारी, कल्याणपुर से महेश्वर हजारी, वारिसनगर से अशोक कुमार और भाजपा को दो रोसड़ा से वीरेंद्र कुमार तथा हायाघाट से राम चंद्र प्रसाद और राजद को एक समस्तीपुर से अख्तरुल इस्लाम शाहीन को जीत मिली थी। कुशेश्वरस्थान के विधायक शशि भूषण हजारी के निधन हो जाने बाद 2021 में हुए उप चुनाव में जदयू ने उनके बेटे अमन भूषण हजारी को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने जीत हासिल की।
समस्तीपुर में लोकसभा चुनाव 2019 में कैसा रहा था हाल
समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र में लोकसभा चुनाव 2019 में 12 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था, लेकिन मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच हुआ था। लोक जनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार रामचंद्र पासवान ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की थी। उन्होंने लोकसभा क्षेत्र की सभी छह विधानसभा सीटों पर बढ़त हासिल कर अपने नजदीकी प्रतिद्वंदी कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. अशोक राम को 1,02090 वोट के अंतर से हराया था। दिलचस्प बात है कि तब नोटा विकल्प तीसरे स्थान पर रहा था।
विजयी होने के कुछ महीनों के बाद रामचंद्र पासवान का निधन हो गया था। इसके बाद हुए उपचुनाव में उनके बेटे प्रिंस राज चुनाव मैदान में उतरे थे। कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. अशोक राम को अपने पिता की तरह ही प्रिंस राज ने भी लोकसभा सीट की सभी विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त हासिल कर मात दी। इस बार तीसरे स्थान पर निर्दलीय प्रत्याशी सूरज कुमार दास थे। वहीं, नोटा को चौथा स्थान मिला था।
समस्तीपुर सांसद के चार महत्वपूर्ण कार्य
- औरंगाबाद- दरभंगा वाया ताजपुर सिक्स लेन पथ के निर्माण में भूमिका
- शहर के भोला टॉकीज पर आरओबी के लिए केंद्रीय मंत्री से मिलकर राशि का आवंटन कराना
- संसदीय क्षेत्र में 150 से अधिक सड़कों का निर्माण कराना
- बाढ़ नियंत्रण को लेकर कई कार्य
यह काम रह गया अधूरा
- समस्तीपुर शहर की बूढ़ी गंडक नदी पर दोहरे पुल का निर्माण
- मुक्तापुर रेलवे गुमटी पर आरओबी
- समस्तीपुर शहर में जिम और पार्क का निर्माण
समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र के अब तक के सांसद
- 1952: सत्य नारायण सिन्हा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (समस्तीपुर पूर्व के रूप में)
- 1957: सत्य नारायण सिन्हा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- 1962: सत्य नारायण सिन्हा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- 1962: यमुना प्रसाद मंडल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (जयनगर से)
- 1967: यमुना प्रसाद मंडल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- 1971: यमुना प्रसाद मंडल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- 1977: कर्पूरी ठाकुर, जनता पार्टी
- 1978: उपचुनाव: अजीत कुमार मेहता, जनता पार्टी
- 1980: अजीत कुमार मेहता, जनता पार्टी (एस)
- 1984: रामदेव राय, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- 1989: मंजय लाल कुशवाहा, जनता दल
- 1991: मंजय लाल, जनता दल
- 1996: अजीत कुमार मेहता, जनता दल
- 1998: अजीत कुमार मेहता, राष्ट्रीय जनता दल
- 1999: संजय लाल, जनता दल (यूनाइटेड)
- 2004: आलोक कुमार मेहता, राष्ट्रीय जनता दल
- 2009: महेश्वर हजारी, जनता दल (यूनाइटेड)
- 2014: रामचंद्र पासवान, लोक जनशक्ति पार्टी
- 2019: रामचंद्र पासवान, लोक जनशक्ति पार्टी
- 2019: रामचंद्र पासवान के निधन के बाद उप चुनाव में उनके बेटे प्रिंस राज (लोजपा) ने जीत हासिल की।
आपातकाल से पहले कांग्रेस और बाद में समाजवादियों का दबदबा, भाजपा का नहीं खुला खाता
समस्तीपुर लोकसभा सीट पर 1952 से लेकर 2019 तक हुए 17 लोकसभा चुनावों में भाजपा का खाता तक नहीं खुल सका है। देश में आपातकाल लगने से पहले 1952 से 1971 तक इस सीट पर हुए पांच लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने लगातार जीत का परचम लहराया था। वहीं, आपातकाल के बाद समस्तीपुर लोकसभा सीट पर हुए 12 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस सिर्फ एक बार जीत पाई है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निधन के बाद सहानुभूति लहर में कांग्रेस के रामदेव राय 1984 में लोकसभा चुनाव जीत गए थे। उन्होंने लोक दल के उम्मीदवार कर्पूरी ठाकुर को हरा दिया था। इसके अलावा 1977 से बाद से अब तक समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र में समाजवाद के नेताओं का दबदबा कायम है।