Bihar Police : दरोगा हत्याकांड, वास्तु बिहार डकैती कांड, ज्वेलरी शॉप में एक करोड़ की लूटकांड और डॉक्टर से 20 करोड़ की रंगदारी मांगने की घटना के आरोपियों को पुलिस ढूंढते रह गई। वहीं दो आरोपियों ने आराम से कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।
बिहार का बेगूसराय जिला क्राइम से कराह रहा है। 72 घण्टे के भीतर दरोगा हत्याकांड, वास्तु बिहार डकैती कांड, ज्वेलरी शॉप में एक करोड़ की लूटकांड और डॉक्टर से 20 करोड़ की रंगदारी मांगने की घटना ने पुलिस विभाग को बेचैन कर दिया है। इधर दरोगा खामश चौधरी हत्याकांड में पुलिस खाक छानती रही और उधर दो नामजद आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
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क्या था मामला
19 दिसंबर की रात नावकोठी थाना के एसआई खामस चौधरी की शराब तस्करी की सूचना पर छतौना पुल पर जांच करने पहुंचे थे। तभी तेज रफ्तार से आ रही आल्टो कार में बैठे शराब माफियाओं ने दरोगा को रौंदते हुए फरार हो गया। तेज ठोकर लगने की वजह से वह पुल के नीचे बोल्डर पर गिर गए थे, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। वहीं एक होमगार्ड का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले के दो नामजद आरोपी आल्टो कार के चालक कृष्ण कुमार और मनीष कुमार ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
प्रशासन की खूब हुई थी किरकिरी
शराब माफिया के द्वारा दरोगा की हत्या को लेकर विपक्ष ने जमकर राजनीति की, जिससे न सिर्फ सत्तारूढ़ सरकार बल्कि बेगूसराय पुलिस प्रशासन की भी काफी किरकिरी हुई। हालांकि बेगूसराय पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा करती रही लेकिन यह सिर्फ खोखले दावे ही रह गये और पुलिस चालक तक पहुंच न सकी। आखिरकार घटना के तीसरे दिन दोनों आरोपियों ने कोर्ट में आसानी से आत्मसमर्पण कर दिया।
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एक आरोपी की हो चुकी है गिरफ्तारी
शुक्रवार की देर शाम एसपी योगेंद्र कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि शराब की सूचना पर छापेमारी करने के दौरान कर सवार शराब माफियाओं ने दरोगा खामश चौधरी की कुचलकर हत्या कर दी थी। इस मामले में 3 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें से रितेश कुमार को घटना के दिन ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जबकि शराब तस्कर कृष्ण कुमार और मनीष कुमार घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गये थे। शुक्रवार को दोनों आरोपी कृष्ण कुमार और मनीष कुमार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।