बिहार में हुआ पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान
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बिहार में पंचायत चुनाव का एलान हो चुका है। यहां 24 सितंबर से 12 दिसंबर तक 11 चरणों में वोट डाले जाएंगे। चुनाव की तिथियों का एलान होते ही राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं लड़ा जाएगा। इसके बावजूद सभी पार्टियां रणनीति बनाने में जुट गई हैं। इसी के साथ महागठबंधन में मतभेद भी दिखने लगे हैं। महागठबंधन एनडीए समर्थित उम्मीदवारों को रोकने की रणनीति नहीं बना सका है। इस बार यहां पहली बार ईवीएम से चुनाव होंगे।
महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां हैं। पंचायत चुनाव को लेकर महागठबंधन में एक साथ लड़ने को लेकर एक राय नहीं बन सकी है। राजद,कांग्रेस और माले के समर्थित उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से एनडीए समर्थित उम्मीदवार को फायदा हो सकता है।
राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने बताया कि अगर एक सीट पर हमारे समर्थित दो या उससे ज्यादा उम्मीदवार अगर सामने आते हैं तो कोशिश यही रहेगी कि अंडरस्टैडिंग बनाई जाए। पार्टी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। कहा कि आपस में लड़ाई करके एक-दूसरे को नुकसान न करें। इसके लिए पहले ही वर्चुअल बैठक जिलाध्यक्षों के साथ पार्टी कर चुकी हैं। अब जिला और प्रखंड स्तर पर भी बैठक होगी और पत्र भी जारी किया जाएगा। मामले में महागठबंधन के स्तर पर अभी तक कोई बात नहीं हुई है।
कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार सभी जगह चुनाव लड़ेंगेः प्रदेश अध्यक्ष
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि पार्टी लेवल पर पंचायत चुनाव होते तो महागठबंधन की पार्टियों के साथ समझौता हो सकता था। वह कहते हैं कि कांग्रेस के नेताओं ने जिला स्तर पर दौरा किया और कार्यकर्ताओं को जागरूक किया। कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार सभी जगह चुनाव लड़ेंगे। इसके लिए बैठक की जा चुकी हैं। जरूरी निर्देश पार्टी कार्यकर्ताओं को दिए भी जा चुके हैं। कांग्रेस को निचले स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रदेश प्रभारी भक्त चरण दास ने भी कई यात्राएं की हैं।
महागठबंधन की कोई बैठक इसको लेकर नहीं हुईः माले
माले के राज्य सचिव कुणाल कहते हैं कि उनकी मांग शुरू से रही है कि पंचायत चुनाव पार्टी स्तर पर कराए जाएं, लेकिन इसके लिए सरकार तैयार नहीं हुई। वह कहते हैं कि महागठबंधन में इस लेवल पर कोई बात नहीं हुई है कि एक सीट पर महागठबंधन की विभिन्न पार्टियों के मजबूत कैंडिडेट आ जाएं तो वैसी स्थिति में क्या करना है? मिलकर चुनाव लड़ने की कोशिश होगी तो विचार किया जाएगा।