Bihar Politics News : बिहार में सत्तारूढ़ जदयू और राजद के बीच अब लड़ाई बढ़ गई है। जदयू ने साफ तौर पर कहा है कि 'लैंड फॉर जॉब' करने वालों को जब नीतीश कुमार सरकार में नौकरी दिए जाने के दौरान कुछ हाथ नहीं लगा तो तिलमिला रहे हैं।
जदयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने राजद पर बड़ा हमला बोला है। राजद नेतृत्व बेचैन है। इसका कारण साफ है। क्योंकि इनका साफ है। इनलोगों का आदत रहा है जमीन के बदले नौकरी देने का। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2 लाख 15 हजार लोगों को नौकरी दी। इसमें राजद का कुछ चल नहीं पाया। इसीलिए बैचेनी है। राजद अनर्गल प्रलाप बंद करें। नीरज कुमार ने दो टूट का कहना है कि अनर्गल बयानबाजी से राजद नेताओं को बचना चाहिए।
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जदयू के विरोधी तेवर से सियासी गलियारे में हड़कंप
दरअसल, सीएम हाउस में बैठक से पहले जदयू की ओर से राजद के खिलाफ बयानबाजी नहीं की जा रही है। इसके बाद जैसे ही कोर कमेटी की बैठक खत्म हुई तो कुछ देर बाद जदयू के मुख्य प्रवक्ता के इस बयान ने सियासी गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि नीरज कुमार के इस बयान में गठबंधन में टूट की खबर को हवा दे दी है। इसमें शक नहीं है कि जैसे राजनीतिक हालात बन रहे हैं उसमें राजद और जदयू के संबंधों में खटास आ चुकी है।
एक दिन पहले सीएम नीतीश कुमार ने दिया था यह जवाब
जदयू के मुख्य प्रवक्ता से एक दिन पहले सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के बीच भी दूरी साफ तौर पर देखी गई थी। गणतंत्र दिवस समरोह में भी नीतीश और तेजस्वी यादव ने एक दूसरे से बातचीत नहीं की थी। इसके बाद राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में भी तेजस्वी यादव नहीं गए थे। सीएम नीतीश कुमार जब राजभवन से बाहर निकले तो मीडिया ने उनसे सवाल पूछा कि तेजस्वी यादव क्यों नहीं आए तो नीतीश कुमार ने स्पष्ट कह दिया कि यह सवाल तो आप उनसे ही पूछिए कि क्यों नहीं आए। यह कहते हुए सीएम नीतीश कुमार आगे बढ़ गए। इसके बाद कई चीजें स्पष्ट हो गई।