आंच करने आये डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी टीम के सदस्य।
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कैलिफोर्नियम के मामले में आया ताजा अपडेट
तस्करों के द्वारा बरामद कैलिफोर्नियम के मामले में ताजा अपडेट आया है कि वह सामान वह चीज नहीं है जो बताया जा रहा था। इस संबंध में गोपालगंज पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने जानकारी देते हुए बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी की तीन सदस्यीय वैज्ञानिकों की टीम ने सैंपल की जांच की है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सैंपल में कोई रेडियो सक्रियता नहीं पायी गयी है।
जानिए क्या हुआ अब तक
उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा स्थित बलथरी चेकपोस्ट पर बिहार पुलिस ने तीन संदिग्ध लोगों को एक सामन के साथ गिरफ्तार किया गया। वह सामान कार्बन में बंद था। सामान के साथ एक सर्टिफिकेट भी थाजिसे देखने के बाद गोपालगंज एसपी स्वर्ण प्रभात ने इसे कैलिफोर्नियम बताया। इस संबंध में उन्होंने विशेष जानकारी देते हुए कहा था कि यह कैलिफोर्नियम है जिसके 50 ग्राम की कीमत लगभग 17 करोड़ है। यानी मुट्ठी भर सामन की कीमत 17 करोड़। यह जानने के बाद पूरे देश की नजर इस पर अटक गई और इसकी जांच के लिए डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी की तीन सदस्यीय वैज्ञानिकों की टीम को बिहार बुलाया गया। टीम ने जांच के बाद यह स्पष्ट किया कि इस सैंपल में कोई रेडियो सक्रियता नहीं पायी गयी है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि जिस मुट्ठी भर सामान की कीमत 17 करोड़ बताई जा रही थी, यह वह सामान नहीं है। रेडियोएक्टिव पदार्थ की हैंडलिंग और आगे की जांच के लिए एफएसएल की विशेष टीम एवं परमाणु ऊर्जा विभाग को भी सूचित किया गया था। शनिवार रात दिल्ली से परमाणु ऊर्जा विभाग की तीन सदस्यीय टीम शनिवार की शाम गोपालगंज पहुंची थी। विशेषज्ञों द्वारा जांच के बाद यह बताया गया कि इस पदार्थ में रेडियो सक्रियता नहीं है।