कांग्रेस छोड़कर जदयू और फिर राजद में हुए थे शामिल
रामजतन सिन्हा जहानाबाद जिले के मखदुमपुर विधानसभा क्षेत्र से एक बार विधायक भी रह चुके हैं। फिर वह 2005 में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने। कांग्रेस ने 2005 के विधानसभा चुनाव में राजद से गठबंधन किया था। रामजतन सिन्हा कांग्रेस के टिकट पर जहानाबाद के मखदुमपुर से चुनाव लड़ना चाहते थे। लेकिन लालू प्रसाद यादव ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के लिए भी सीट छोड़ने से इंकार कर दिया था। उसके बाद रामजतन सिन्हा ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ा था लेकिन हार गये। कांग्रेस छोड़ने के बाद रामजतन सिन्हा ने अपनी पार्टी बनायी लेकिन पार्टी नहीं चली, तब वह जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गये। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में वह राष्ट्रीय जनता दल के संपर्क में रहे, लेकिन मन अनुकूल बात कहीं नहीं बनी। अंता में वह वापस अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस में लौट आये।