सीतामढ़ी में जिले के बेलसंड प्रखंड स्थित मधकौल गांव के समीप बागमती तटबंध में माउस होल से हो रहे रिसाव के कारण बांध टूट गया, जिससे 15 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे 30 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय के लिए गंभीर संकट उत्पन्न कर दिया है। प्रभावित गांवों में मधकौल के साथ-साथ जाफरपुर, पंडहिया, ओलीपुर, कंसार और बसौल प्रमुख हैं, जहां पांच फीट तक पानी घुस गया है। आने जाने वाले मुख्य सड़क के साथ ही ग्रामीण सड़कों पर पानी का बहाव तेज है। बाढ़ प्रभावित लोग छतों के साथ ही घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। इधर, एसडीआरएफ की टीम लोगों की रेस्क्यू में जुट गई है। लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है।
रिसाव की सूचना पर भी नहीं जागा प्रशासन
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से ही मधकौल बांध में माउस होल से रिसाव की सूचना प्रशासन को दी गई थी। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रिसाव की जांच की, लेकिन तकनीकी टीम को सहायता के लिए चार घंटे तक नहीं भेजा। इस बीच, ग्रामीणों ने स्वयं रिसाव को रोकने का प्रयास करने लगे, लेकिन बिना उचित संसाधनों और जानकारी के वेलोग सफल नहीं हो सके। अंततः बांध टूट गया, जिसकी चपेट में आने से सैकड़ो घर जलमग्न हो गए हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बांध टूटने के बाद मची तबाही
बांध टूटने के बाद 30 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। पानी का बहाव को है वह काफी तेजी से हो रहा है। बांध फिलहाल 50 फीट टूटा है लेकिन हालात यह है कि इसका दायरा बढ़ता ही जा रहा है। लोग ऊंचे स्थान की ओर निकल गए है। अभी भी सैकड़ो लोग फंसे हुए हैं, जिनको निकालने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ साथ आसपास के लोग जुटे हुए है। बताया जा रहा है की सैकड़ो लोगो के घर डूब गए हैं, जिसके चलते उनके जिंदगी भर की कमाई भी उसी में बह गई हैं। सैकड़ो की संख्या में मवेशी भी बह गए है। हालांकि, कुछ मवेशियों का रेस्क्यू किया गया हैं। घर में रखे सारे समान को छोड़कर लोग ऊंचे स्थान पर अपने बच्चो को लेकर भाग रहे हैं। बांध टूटने के बाद से अब पानी का बहाव रून्नीसैदपुर प्रखंड के गांवों की ओर बढ़ रहा है, जिससे और अधिक गांवों को खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों की स्थिति चिंताजनक है, और उन्हें तत्काल राहत सामग्री की आवश्यकता है। सरकार और स्थानीय प्रशासन को अब इस संकट का समाधान निकालने के लिए त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है।