मामला मुजफ्फरपुर जिला के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिकंदरपुर ओपी स्थित मारवाड़ी हाई स्कूल के समीप की है। पुलिस का कहना है कि आशुतोष शाही शहर के बड़े जमीन कारोबारी थे। घटना के समय आशुतोष शाही अपने अधिवक्ता डॉलर के घर पर किसी मामले पर विमर्श कर रहे थे। तभी अचानक 6 की संख्या में अपराधी घर में घुसे और अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। वहां मौजूद पांच लोगों पर एक-एक कर गोली चलाने लगे। आशुतोष शाही के बॉडीगार्ड संभल नहीं पाए इसलिए हमलावरों ने दोनों बॉडीगार्ड को भी गोली मार दी। आशुतोष शाही की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि एक बॉडीगार्ड ने अस्पताल में दम तोड़ दिया है। वहीं दूसरे बॉडीगार्ड की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिवक्ता समेत दो अन्य लोग निजी अस्पताल में भर्ती हैं।
घटना का कारण
घटना के पीछे जमीन विवाद का होना बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दो बाइक पर करीब आधा दर्जन अपराधी थे जिन्होंने घटना को अंजाम दिया है। इसके बाद सभी जगन्नाथ मिश्रा कॉलेज की तरफ फरार हो गये। यह घटना उसी जगह अंजाम दिया गया है जहां कुछ वर्ष पूर्व नगर के पूर्व महापौर समीरआरडी कुमार को अज्ञात अपराधियों ने गोलियों से भून दिया था। तब भी वह हत्याकांड जमीन विवाद को लेकर ही अंजाम देने की बात सामने आई थी।
इस वजह से चर्चित हुए थे आशुतोष शाही
पूर्व महापौर समीरआरडी कुमार की हत्या में आशुतोष शाही का नाम आया था। हालांकि आशुतोष ने अपने आप को निर्दोष साबित करने के लिए दिन-रात एक कर दिया था। गिरफ्तारी से बचे आशुतोष शाही का नाम जमीन की खरीद बिक्री को लेकर पहले भी चर्चा में आया था। उन्होंने मोतीझील में श्याम सिनेमा के आगे स्थित बड़े जमीन की डीलिंग की थी। इस मामले में उसकी अदावत एक बाहुबली विधायक से भी हुई थी।
पहले भी मिली थी जान से मारने की धमकी
पिछले विधानसभा चुनाव में राजनीतिक महत्वाकांक्षा की वजह से आशुतोष शाही ने चुनाव लड़ने का प्रयास किया था। लेकिन उनका नामांकन अवैध हो गया था। पिछले साल मंटू शर्मा नाम के अपराधी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। हलांकि पुलिस ने मंटू शर्मा को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया था। गोलीबारी की घटना के बाद घटनास्थल पर डीएसपी टाउन राघव दयाल, सिटी एसपी अरविंद प्रताप आरसी सिंह सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पूरे शहर के एंट्री प्वाइंट पर पुलिस चौकसी बढ़ा दी गई है।