सुपौल के किशनपुर थाना अंतर्गत पिरगंज ठाढी धत्ता के पास कोसी नदी में शुक्रवार की सुबह बजे 11 बजे बड़ा हादसा टल गया। यहां क्षमता से अधिक लोगों से भरी नाव नदी में पलट गई। हालांकि आपदा मित्र की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई और समय रहते नाव पर सवार सभी 20 लोगों को बचा लिया गया। जबकि दुर्घटनाग्रस्त नाव की खोजबीन जारी है। बताया जा रहा है कि बीते दिनों कोसी नदी के जलस्तर में आए अचानक उछाल के बाद घटनास्थल के पास सड़क बह गई थी। इसके बाद इलाके के लोग नाव के सहारे ही आवागमन कर रहे हैं।
नाव पर सवार सभी 20 लोगों की जान बच गई
लोगों का कहना है कि शुक्रवार की सुबह यहां एक छोटी नाव (डेंगी) पर डेढ़ दर्जन से अधिक लोग सवार होकर नदी पार कर रहे थे। इसी बीच अनियंत्रित होकर नाव पलट गई और नदी के तेज बहाव में नाव भी बह गई। हालांकि नाव पर सवार सभी 20 लोगों की जान बच गई।
20 फीट की दूरी में बह चुकी है सड़क
किसनपुर थाना क्षेत्र में बाढ़ की चपेट में आने से पीरगंज से दुबियाही जाने वाली सड़क लगभग 20 फीट की दूरी में कटकर बह चुकी है। इसलिए लोग नाव के सहारे ही आवागमन कर रहे थे। पानी का तेज बहाव होने की वजह से नाव दुर्घटना हो गई। आपदा मित्र मो. समीउल्लाह ने बताया कि कोसी नदी की तेज धारा होकर क्षमता से अधिक लोग नाव पर सवार होकर आवागमन कर रहे थे। इसी बीच आपदा मित्र की टीम कटिंग होकर सुजानपुर स्थित बाढ़ राहत शिविर में जा रही थी। उनकी आंखों के सामने ही यह घटना हुई। इसके तुरंत बाद सहयोगी आपदा मित्र मो. आदम और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू शुरू किया गया। घटना की सूचना किसनपुर के अंचलाधिकारी और बीडीओ को भी दी गई है। इधर, घटना को लेकर प्रशिक्षु डीएसपी सह किसनपुर थानाध्यक्ष नीतू सिंह ने बताया कि डेंगी नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे। सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल गए हैं।
किशनपुर में नाव डूबने की घटना की गलत है
सुपौल के डीएम कौशल कुमार ने बताया कि किशनपुर में लोगों की डूबने वाली गलत है। इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। दरअसल, तटबंध के पास की जमीन के हिस्से में पानी कम होने के कारण नावें नहीं चल पा रही हैं और वे जमा हुए गाद में फंस रही हैं। उथले पानी में नाव का उपयोग करने से परहेज किया गया है। लोगों से अपील है कि वह किसी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं दें।