कोलकाता के मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या के विरोध में एम्स के डॉक्टर, छात्र और छात्राओं ने आज फिर विरोध मार्च निकाला, जिसमें एमएस, डीन, डीडीए और अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। इस विरोध मार्च का नेतृत्व खुद एम्स के निदेशक कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आर जी कर मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ जिस तरह की घटना हुई है उसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि इस दु:खद घटना ने पूरे चिकित्सा समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि हम पीड़िता के लिए तत्काल न्याय और देश भर के स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के लिए बढ़ी हुई सुरक्षा की मांग करते हैं। हिंसा के जारी रहने और कार्यस्थल पर बढ़ी हुई सुरक्षा की ह्म्मारी निरंतर मांगों के मद्देनजर, हम अपनी हड़ताल जारी रखेंगे और इलेक्टिव सेवाएं प्रदान करने से परहेज करेंगे। हालांकि आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से कार्य करेंगी।
72 घंटे की दी मोहलत
शांति मार्च करते हुए उनलोगों ने कहा कि हमारी मांग यह है कि इस मामले को सरकार सीबीआई से जांच कराये और इस मामले में जो भी शामिल हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले। उनका यह भी कहना है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदार उच्च उच्चाधिकारी तत्काल इस्तीफा दे। साथ ही मेडिकल कॉलेज पर हमला करने वाले को भी पुलिस चिन्हित कर उनपर त्वरित कार्रवाई करे। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 72 घंटे के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो यह राष्ट्रव्यापी हड़ताल जारी रहेगी। चिकित्सकों ने आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी संकाय सदस्यों रेजिडेंट्स, छात्रों, नर्सिंग अधिकारियों और कर्मचारी से आग्रह करते हुए कहा कि वे हमारे हमारे विरोध में भाग लें और अपनी एकजुटा प्रदर्शित करें कल हम कल सुबह 8:00 बजे ओपीडी फोयर में इकट्ठा होंगे ताकि अपने विशेष और मांगों को जारी रख सकें।