गया शहर में 100 वर्ष से अधिक पुराना विशालकाय बरगद का एक विशाल पेड़ अचानक गिर गया। पेड़ इतना विशाल था कि गिरने के बाद उस पेड़ से प्राथमिक मध्य विद्यालय का छत और पास के दो घरों को भी अपने आगोश में ले लिया। प्राथमिक मध्य विद्यालय के मकान के छत के उपर गिर जाने से मकान काफी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना विष्णुपद थाना क्षेत्र के नई सड़क मोहल्ला स्थित शिव मंदिर के पास की है।
पेड़ गिरने की आवाज से सहम गये लोग
घटना के संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के समय परिवार के सभी लोग घर में बैठे हुए थे। तभी अचानक विशाल पेड़ के गिरने की आवाज से आसपास के लोग घबड़ा गये कि क्या हुआ? पेड़ के गिरने से घर का कई हिस्सा पूरी तरह टूट कर बिखर गया। दो दुकान भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि गनीमत रही कि इस घटना से कोई हताहत नहीं हुआ।
हो सकती थी बड़ी घटना
घटना के संबंध में जन सुराज मोर्चा के नेता अंजनी वर्मा ने बताया कि बरगद का यह पुराना पेड़ लगभग 100 वर्ष से अधिक का है। उन्होंने कहा कि कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ था कि इतना मजबूत पेड़ अचानक गिर जाएगा। उन्होंने बताया कि पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर कई लोग अक्सर बैठे रहते है। पेड़ की सभी डालियां काफी लम्बी और विशालकाय हैं। यह पूरा इलाका पितृपक्ष मेला क्षेत्र है। यहां आए दिन तीर्थयात्रियों का आवागमन जारी रहता है। पेड़ के निकट कई दुकानें है, लेकिन रविवार होने की वजह से घटना के समय सभी दुकानें बंद थी, जिसके वजह से कोइ अप्रिय घटना नहीं हुई। आश्चर्य की बात है कि बरगद पेड़ के नीचे शिवलिंग स्थापित है। पेड़ गिरने के बाद दो घर , दो दुकानें और एक सरकारी स्कूल तो क्षतिग्रस्त हो गया। स्थापित मंदिर में किसी तरह की क्षति नहीं हुई।
अगर रविवार नहीं होता तो क्या होता
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनास्थल के समीप प्राथमिक मध्य विद्यालय है। उक्त विधालय में सौ से अधिक बच्चे पढ़ने आते हैं। अगर यह घटना रविवार को छोड़ किसी दूसरे दिन हुआ होता तो कितना बड़ा हादसा होता। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना संबंधित विभाग को दी लेकिन कई घंटों बाद भी कोई अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। इस वजह से स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।
शीघ्र समस्या का होगा समाधान
घटना के संबंध में गया नगर निगम के मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने बताया कि घटना की जानकारी नहीं थी। आपके द्वारा जानकारी मिली है। पितृपक्ष मेला क्षेत्र है, शीघ्र समस्या का समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर पेड़ हटाने का काम किया जाएगा ताकि लोगों को बिजली और पानी की परेशानी न हो।