छह घंटे से रुपया गिन रही पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आय से अधिक संपत्ति का मामला नहीं बनेगा यहां। क्योंकि 30 बोरों में भरे हुए यह नोट और सिक्के बेनामी होंगे, तय है। वजह यह कि नकदी की यह खेप शराब के अवैध धंधेबाज के ठिकाने पर मिली है। रकम कितनी है, यह छह घंटे में भी पक्का नहीं किया जा सका है। गिनती चल ही रही है। गिनने वाले भी तकनीकी रूप से आयकर या प्रवर्तन निदेशालय (ED) वालों की तरह तकनीक संपन्न नहीं हैं। यह छापेमारी शराब के ठिकाने की तलाश में हुई थी, लेकिन वहां नकदी का यह जखीरा मिल गया। मामला राजधानी पटना के सबसे निकटवर्ती जिले वैशाली का है।
देशी शराब की खेप होने की सूचना पर पहुंची थी पुलिस
पुलिस कहना है कि देसी शराब के खेप की सूचना पर पुलिस रुस्तमपुर थाना क्षेत्र के सुकुमारपुर दियारा इलाके में छापेमारी करने गई थी। संभवतः इस बात की सूचना शराब कारोबारी को मिल चुकी थी इसलिए पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही वह शराब कारोबारी घर छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस जब उसके घर के अंदर घुसी लेकिन वहां शराब नहीं मिला, लेकिन जो मिला उसे देखकर पुलिस दंग रह गई।
30 बोरे में भरे थे रुपये
पुलिस का कहना है कि शराब कि खोज में शराब की जगह रुपयों से भरे 30 बोरे मिले। पुलिस उसे बरामद कर रुस्तमपुर ओपी ले आई। लगभग 6 पुलिसकर्मी रुपयों की गिनती करने में लगे हुए हैं, लेकिन लगभग 6 घंटे गुजरने के बाद भी गिनती पूरी नहीं हो पाई। पुलिस का कहना है कि पूरी कहानी जानने के लिए सुबह होने का इंतजार कीजिये। पुलिस की इस कार्रवाई से शराब कारोबारी में हड़कंप मच गया है। इस संबंध मे एलटीएफ टीम के प्रभारी बाणेश्वर् टिस्को का कहना है कि देशी शराब की सूचना पर सुकुमारपुर दियारा में छापेमारी के लिए गये थे। छापेमारी के दौरान शराब कारोबारी के यहां से बोरा में बंद रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार जिसके यहां से रुपयों भरे बोरे बरामद हुए हैं, वह गुड़ का सप्लायर है।
इसी क्षेत्र में हुआ था पुलिस पर हमला
स्थानीय लोगों का कहना है कि दियारा इलाके का सुकुमारपुर शराब कारोबारी का सेफ जोन है। वैशाली जिले के विभिन्न जगहों पर शराब निर्माण करने के बाद वहां से भेजा जाता है। लोगों का कहना है कि पटना के क्षेत्र में भी सुकुमारपुर से ही शराब भेजा जाता है । पिछले दिनों हुए उत्पादन के टीम पर हमला भी रुस्तमपुर ओपी क्षेत्र में शराब कारोबारी के द्वारा किया गया था।