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Bihar: भागलपुर में गंगा नदी पर एक नए रेल पुल का होगा निर्माण, केंद्रीय रेल मंत्री ने किया एलान; जानें सबकुछ

Sat, 10 Aug 2024 06:39 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर

सार

Bihar New Rail Bridge: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 2,549 करोड़ की लागत से बिहार में भागलपुर के पास गंगा नदी पर 26 किमी लंबे बिक्रमशिला-कटरिया नई लाइन के निर्माण की मंजूरी नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा दी गई है।
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भागलपुर में बनेगा एक नया रेल पुल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे बोर्ड से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने तकरीबन 24,657 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत के साथ रेल मंत्रालय की आठ परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें बिहार में भागलपुर के पास गंगा नदी पर एक नए रेल पुल का निर्माण भी शामिल है।

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रेल मंत्री ने बताया कि 2,549 करोड़ की लागत से बिहार में भागलपुर के पास गंगा नदी पर 26 किमी लंबे बिक्रमशिला-कटरिया नई लाइन के निर्माण की मंजूरी नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा दी गई है। इस परियोजना में गंगा नदी पर 2.44 किमी लंबी डबल लाइन वाले पुल का भी निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में बक्सर से राजमहल तक लगभग 450 किमी की लंबाई में बिहार में गंगा नदी पर अभी मात्र तीन पुल हैं, जो पूरी तरह सैचुरेटेड हैं। इस परियोजना द्वारा गंगा नदी पर एक अतिरिक्त मेगा ब्रिज के निर्माण से नॉर्थ बिहार, पश्चिम बंगाल और नॉर्थ ईस्ट से दक्षिण बिहार, झारखंड तथा उड़ीसा के बीच गतिशीलता (Mobility) में वृद्धि होगी।
 
जानकारी के मुताबिक, बिक्रमशिला-कटरिया नई लाइन परियोजना में बिक्रमशिला स्टेशन भागलपुर-साहिबगंज रेलखंड तथा कटरिया स्टेशन कटिहार-बरौनी रेलखंड पर स्थित है। इस परियोजना के तहत गंगा नदी पर बनने वाला रेल पुल वाई आकार का होगा, जो उत्तर दिशा में कटरिया और नवगछिया तथा दक्षिण दिशा में विक्रमशिला और शिवनारायणपुर स्टेशनों को जोड़ेगा। इस पुल के निर्माण होने से बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्र का अंग क्षेत्र से सीधा जुड़ेगा। इस परियोजना को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस परियोजना द्वारा 22 लाख मैन डे का सृजन होगा, जिससे इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इस परियोजना के पूरा हो जाने से 95 करोड़ किलो कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी जो लगभग 3.8 करोड़ वृक्ष के बराबर होगा।
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गौरतलब है कि बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल इन सात राज्यों के 14 जिलों को कवर करने वाली आठ परियोजनाएं भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क को 900 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी। नई लाइनों के ये प्रस्ताव सीधा संपर्क प्रदान करेंगे और गतिशीलता में सुधार करेंगे। इससे भारतीय रेल को बढ़ी हुई दक्षता और सेवा विश्वसनीयता मिलेगी। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं, जो इस क्षेत्र के लोगों को व्यापक विकास के जरिए आत्मनिर्भर बनाएगी। इससे उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ये परियोजनाएं मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का परिणाम हैं, जो एकीकृत योजना के जरिए संभव हुआ है। साथ ही लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध संपर्क प्रदान करेगा।

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