एक तरफ जहां पटना में रविवार को महागठबंधन की 'स्वाभिमान रैली' थी, वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर ट्रेंड में रही 'अपमान रैली'।
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रैली में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आरजेडी के मुखिया लालू प्रसाद और कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी एक साथ मंच पर थे।
स्वाभिमान रैली के ठीक पहले सोशल मीडिया पर 'अपमान रैली' हैशटैग के साथ महागठबंधन रैली के विरोध में लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
'भगवान बचाए'
अंकित बजाज कहते हैं, ''अब भगवान ही बिहार को बचाए।''
देवेंद्र पाण्डे कहते हैं, ''लुट गया बिहार।'' वे लिखते हैं, ''इससे हमें यह अंदाजा लगता है कि एक लाइन से नौटंकीबाजों को चुनकर बिहार को क्या मिलेगा।''
एसपीएस रावत लिख रहे हैं, ''भीड़ के लिए कहीं मैदान कम न पड़ जाए, वहीं बिहार की जनता रैली से अभी तक दूरी बनाये हुए है।''
अरविंद माथुर कहते हैं, "महागठबंधन में केजरीवाल के आने से यह तो शीना हत्या मामले से भी अधिक उलझ गया है..."
जयप्रकाश एस. सिंह लिख रहे हैं, "भारत मे जब गाय का बछड़ा चारा नहीं खाता है तो गाय कहती है खा लो नहीं तो लालू खा जाएगा।"
राकेश रंजन ने ट्विटर पर लिखा है, "नारे खूब लगाएंगे, मंगलराज फिर लाएंगे। फिर से चारा खाएंगे, स्वाभिमान भूल जाएंगे।"
'सत्ता के मोह में एक'
अरुण माथुर कहते हैं, ''जो लोग कभी एक दूसरे पर आरोप लगाकर थक जाते थे, वे ही बिहार में सत्ता के मोह में एक हो गए हैं।''
प्रियंका बजाज ने लिखा है, ''1990 से 2005 तक लालू यादव और उनकी पार्टी ने बिहार को सबसे अधिक खराब सरकार दी। और बात करते हैं स्वाभिमान की।''
रौनक रंक ने चुटकी लेते हुए एक लतीफा शेयर किया है। वे लिखते हैं, ''नीतीश- हम गुंडे जड़ से खत्म कर देंगे! पी.ए- सर क्या बोल रहे हो.. हमारे सारे एमएलए को इस्तीफा दिलवाओगे क्या?''
केवी प्रदीप कहते हैं, ''किसानों का अपमान हो रहा है, देश के सैनिकों का अपमान हो रहा है, अपमान रैली के जरिये बीजेपी को खुद शर्मिंदा होना चाहिए।''
'टिकाऊ हैं बिकाऊ नहीं'
रैली से ठीक पहले लालू यादव ने ट्वीट किया, "बिहारी जनमानस बीजेपी को खदेड़ने एवं पटकने का मन बना चुका है।"
लालू ने आगे लिखा, ''बिहारी आज बीजेपी को बता देंगे कि बिहारी लोग टिकाऊ हैं बिकाऊ नहीं, हमारी रगों में डीएनए में अच्छे संस्कार बसते है।''
नीतीश कुमार ने भी मैदान में समर्थकों की भारी भीड़ जुटने के विषय में ट्वीट कर खुशी जाहिर की है।