मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को सोनो के क्षतिग्रस्त चुरहेत कॉजेवे पुल का निरीक्षण करने जमुई पहुंचे। जहां वे 10 मिनट के निरीक्षण दौरान न तो मीडिया से मिले और न ही स्थानीय लोगों से। वे सिर्फ पदाधिकारियों को दिशानिर्देश देकर वहां से चले गए। इसे देखकर स्थानीय लोगों ने जमकर ‘नीतीश कुमार मुर्दाबाद’ के नारे लगाए।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने कहा कि करोड़ों खर्च कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्षतिग्रस्त चुरहेत कॉजेवे पुल का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां उन्होंने 10 मिनट के निरीक्षण में न तो कोई आश्वासन दिया और न ही बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की। लोगों ने कहा कि नीतीश कुमार जितना खर्च कर जमुई पहुंचे, उतने में चाहते तो पुल ही बनवा सकते थे। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों को जल्द ही पुल की मरम्मत कर आवागमन बहाल करने का निर्देश दिया है।
‘निरीक्षण करने नहीं, नदी में बालू देखने आए नीतीश कुमार’
क्षतिग्रस्त पुल के निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों का गुस्सा पदाधिकारी को झेलना पड़ रहा था, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आने के पहले स्थानीय लोगों को क्षतिग्रस्त पुल से 200 मीटर दूर ही रोक दिया गया था। इसके कारण लोगों का मुख्यमंत्री, स्थानीय नेता और जिला प्रशासन के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोग नीतीश कुमार मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कहने लगे कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण करने नहीं आए। बल्कि नदी में कितना और बालू बचा है उसे देखने आए। स्थानीय लोगों ने कहा कि सोनो के चुरहेत कॉजेवे पुल क्षतिग्रस्त होने से यहां के एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
‘जिला प्रशासन और स्थानीय नेता की वजह से क्षतिग्रस्त हुआ पुल’
सोनो चुरहेत कॉजेवे पुल का क्षतिग्रस्त होने लिए स्थानीय लोगों ने डीएम अवनीश कुमार सिंह, स्थानीय नेता और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह पर सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस समय नदी से बालू का उठाव हो रहा था, उस समय अगर मानक के अनुसार बालू का उठाव होता तो पुल की दशा आज ऐसी नहीं होती। सिर्फ अवैध उगाही के चक्कर में मानक के विपरीत बालू का उठाव किया गया। उसके कारण पुल के 11 पिलर नदी में धंस गए।
स्थानीय लोगों ने कहा कि जिस समय अबैध तरीके से बालू का उठाव किया जा रहा था। उस समय कई लोगों ने इसका विरोध किया। लेकिन बालू माफियाओं पर कार्रवाई की बजाय जिला प्रशासन ने उल्टे 50 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज करा दिया था।
मुख्यमंत्री, डीएम और नेताओं के खिलाफ लगे मुर्दाबाद के नारे
सोनो चुरहेत कॉजेवे छतिग्रस्त पुल के निरीक्षण के बाद नेताओं और प्रशासन का काफिला जब निकलने लगा तो लोगों ने चुरहेत गांव के पास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह, पूर्व विधान परिषद सदस्य संजय प्रसाद, झाझा के जदयू विधायक दामोदर रावत और डीएम अवनीश कुमार सिंह के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे लगे।