देश और दुनियाभर में बड़ी संख्या में वाहनों का उपयोग किया जाता है। लेकिन एक खास तरह से किसी भी गाड़ी की सही जानकारी को आसानी से हासिल किया जा सकता है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि किस तरह से गाड़ी की जानकारी ली जा सकती है।
ऐसे मिलेगी जानकारी
किसी भी गाड़ी की जानकारी उसकी नंबर प्लेट से मिलती है। इसकी अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई शहरों में नए वाहन की डिलीवरी के साथ ही नंबर प्लेट को लगाया जाता है। इसी नंबर प्लेट से गाड़ी और उसकी पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है।
यह भी पढ़ें -
Car Number Plate Meaning: वाहनों की नंबर प्लेट के रंग में छिपा होता है बड़ा राज, क्या जानते हैं आप
मिलेगी ये जानकारी
नंबर प्लेट में हर अंक का खास मतलब होता है। मुख्य तौर पर किसी भी नंबर प्लेट में पहले दो अंक अंग्रेजी के होते हैं। इसके बाद के दो अंक गणित के होते हैं और फिर दोबारा से दो अंक अंग्रेजी में होते हैं जिसके बाद चार अंक होते हैं। उदाहरण के तौर पर हर वाहन पर कुछ इस तरह से नंबर दर्ज होता है DL 03 CC 0011। इसमें पहले दो अंग्रेजी के अक्षर देश के राज्यों की जानकारी देते हैं। जैसे कि अगर किसी वाहन का नंबर DL से शुरू होता है तो यह दिल्ली का वाहन है। अगर इसका नंबर HR से शुरू होता है तो वाहन हरियाणा का है। RJ से नंबर शुरू होता है तो वाहन राजस्थान का है और अगर GJ नंबर है तो वाहन गुजरात में रजिस्टर्ड है। इसी तरह से अगले दो नंबर राज्य की अथारिटी की जानकारी देते हैं। DL या HR के बाद 01, 02, 51, 47 जैसे नंबर आते हैं। यह नंबर राज्य की अथारिटी के होते हैं। जैसे अगर नंबर HR 51 है तो वाहन हरियाणा की फरीदाबाद अथारिटी का है। अगर 51 की जगह 26 है तो वाहन गुरूग्राम में रजिस्टर्ड है। UP 16 है तो वाहन नोएडा का है और अगर 13 नंबर है तो वाहन बुलंदशहर जिले की अथारिटी का है। इसके बाद अंग्रेजी के दो शब्द फिर से आते हैं जैसे कि DL 03 CE। अब सीई का मतलब सीरीज से होता है। यानि कि वाहन दिल्ली की तीन नंबर अथारिटी का है और इसकी सीरीज CE है। CE की जगह ये कुछ और नंबर भी हो सकते हैं जैसे कि BC, CD, EF आदि। इनके बाद आखिरी में चार नंबर अंकित होते हैं। यही चार नंबर वाहन की जानकारी देते हैं।
यह भी पढ़ें -
Rumble Strip: कई सड़कों पर एकसाथ आ जाते हैं कई स्पीड ब्रेकर, जानें कहां होता है इस्तेमाल