अमेरिकी सांसदों ने पेंटागन से आग्रह किया है कि वह चीनी टेक्नोलॉजी से लैस इंटरनेट-कनेक्टेड वाहनों को अमेरिकी सैन्य ठिकानों में घुसने से रोक दे। यह कदम उन कारों से पैदा होने वाले सुरक्षा जोखिमों की जांच कर रहे बाइडन प्रशासन की जांच का समर्थन करता है। हाउस सिलेक्ट कमेटी ऑन चाइना के समूह ने गुरुवार को रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन को लिखे एक पत्र में अपनी चिंताओं के बारे में बताया है। उन्होंने वाणिज्य विभाग की जांच का हवाला दिया, जिसकी वजह से अमेरिका में कुछ चीनी वाहन टेक्नोलॉजी से जुड़े लेन-देन पर प्रतिबंध लग सकता है। जिसमें, प्रतिबंधित कंपोनेंट्स का इस्तेमाल करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन, कारें भी शामिल हैं।
लेखक तथाकथित कनेक्टेड व्हीकल्स द्वारा पेश किए जाने वाले संभावित डेटा और साइबर-सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हैं, जो भारी मात्रा में पर्सनल डेटा कैप्चर करते हैं। प्रतिनिधि माइक गैलाघर और राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में सांसदों ने ऑस्टिन से आग्रह किया कि वे अमेरिकी सैन्य ठिकानों से LiDAR जैसी चीनी-निर्मित टेक्नोलॉजी वाली कारों पर प्रतिबंध लगाएं, जो एक रिमोट-सेंसिंग टेक्नोलॉजी है। चीन सरकार ने सुरक्षा चिंताओं के कारण कुछ सरकारी और सैन्य स्थलों में टेस्ला की कारों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
सांसदों ने लिखा, "राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम बहुत वास्तविक है।" उन्होंने कहा, "भले ही चीनी कनेक्टेड वाहनों का अमेरिका में कभी भी बड़ी बाजार हिस्सेदारी न हो। लेकिन LiDAR या इंटरनेट ऑफ थिंग्स मॉड्यूल जैसी कई सक्षम करने वाली टेक्नोलॉजी हमारी अमेरिकी सड़कों और हमारे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर काम करना जारी रख सकती हैं।"
LiDAR, जिसका मतलब है लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग। यह एक सेंसर है जो दूरी निर्धारित करने के लिए वातावरण में पल्सड लाइट वेव (स्पंदित प्रकाश तरंगों) का उत्सर्जन करता है। यह ऑटोनॉमस ड्राइविंग फंक्शन वाले वाहनों को नेविगेट करने में मदद करता है।
LiDAR का दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर हेशाई ग्रुप है, जिसकी जड़ें शंघाई और सिलिकॉन वैली में हैं। इसके ग्राहकों में Li Auto Inc. और Xiaomi Corp. जैसी कार निर्माता शामिल हैं। इसे जनवरी में अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा "चीनी सैन्य कंपनियों" की सूची में डाल दिया गया था। जिसका हेशाई ने विरोध करता है और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।