वाहन निर्माता कार में ड्राइव के दो ऑप्शन देते हैं। इसमें टू व्हील ड्राइव 2WD एक विकल्प होता है, इस विकल्प में इंजन की ताकत सिर्फ दो पहियों तक ही सीमित होती है। अधिकतर कारों में टू व्हील ड्राइव 2WD का ऑप्शन गाड़ी के आगे वाले पहियों में मिलता है। हालांकि, कई कारों में पीछे वाले पहियों में भी टू व्हील ड्राइव 2WD का विकल्प मिलता है।
टू व्हील ड्राइव में कार के पहियों को चलाने के लिए ज्यादा पार्ट्स की जरूरत नहीं होती है। यही वजह है कि इसमें फ्यूल एफिशियंसी बेहतर होती है। इसके साथ ही टू व्हील ड्राइव में कार चलाना काफी आसान होता है। इसके अलावा इस ड्राइव के साथ आने वाली कार का दाम फॉर व्हील ड्राइव वाली कार के मुकाबले कम होता है।
देश के कई कार निर्माता कारों को फॉर व्हील ड्राइव के विकल्प के साथ पेश करते हैं। इस ड्राइव में कार के चारों पहियों को बराबर मात्रा में ताकत मिलती है। इसके बाद पहिए तेजी से घूमते हैं और कार सरपट दौड़ती है। इस ड्राइव में कार की फ्यूल एफिशियंसी बढ़ जाती है, क्योंकि कार चलाने के लिए चार पहियों को ताकत देनी होती है। हालांकि, अगर आप अक्सर पहाड़ी रास्तों पर या फिर टूटी और खराब सड़क पर सफर करते हैं तो यह ड्राइव एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। फॉर व्हील ड्राइव के साथ आने वाली कार की कीमत टू व्हील ड्राइव वाली कार की तुलना में अधिक होती है।
टू व्हील ड्राइव और फॉर व्हील ड्राइव में से किस विकल्प को चुनना बेहतर रहेगा। इस सवाल का जवाब आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आप ऐसी जगह पर रहते हैं, जहां की सड़के अच्छी तरह से बनी हुई हैं तो टू व्हील ड्राइव को चुन सकते हैं। वहीं, अगर आप किसी ऐसे क्षेत्र में रहते हैं, जहां की सड़कों की स्थिति बहुत ज्यादा खराब है तो फिर फॉर व्हील ड्राइव वाली कार को चुनना बेहतर रहेगा।