Bharat NCAP सुरक्षा लेबल
नई पहल का मकसद ग्राहकों को नई कार खरीदते समय ज्यादा इंफॉर्म्ड चॉइस (सूचित विकल्प) उपलब्ध कराना है। इस समय, भारत एनसीपीए यात्री वाहन निर्माताओं के लिए ऑप्शनल (स्वैच्छिक) है। जिसका मतलब है कि हर वाहन पर सुरक्षा लेबल नहीं भी हो सकता है। फिर भी, इस कार्यक्रम के तहत परीक्षण किए गए वाहनों पर लेबल होगा और स्टार रेटिंग से परे विस्तृत सुरक्षा क्रैश टेस्ट रिपोर्ट तक पहुंच प्रदान करने के लिए एक QR कोड भी होगा।
Bharat NCAP क्या है
भारत एनसीएपी के तहत सभी कारों को न्यूनतम 3-स्टार रेटिंग हासिल करने के लिए स्टैंडर्ड तौर पर इलेक्ट्रॉनिक स्टैबलिटी कंट्रोल (ESC) से लैस होना जरूरी है। वाहन मूल्यांकन कार्यक्रम को अपडेटेड Global NCAP (ग्लोबल एनसीएपी) और Euro NCAP (यूरो एनसीएपी) प्रोटोकॉल और परीक्षणों के आधार पर डिजाइन किया गया है। भारतीय कार निर्माता ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS) 197 के तहत स्वैच्छिक परीक्षण के लिए अपनी कारें जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, भारत एनसीएपी स्थानीय स्तर पर निर्मित या देश में आयातित कारों का चयन कर उन्हें रैंडम क्रैश टेस्ट के लिए ले जा सकता है।