आज के समय में ज्यादातर कारों में पुश बटन स्टार्ट और स्टॉप का फीचर मिल जाता है। इस फीचर के कई फायदे भी हैं तो कई नुकसान भी हैं। आइए इस फीचर के फायदे और नुकसान के बारे में जानते हैं।
आजकल की मॉडर्न कारों में कई शानदार फीचर्स को ऑफर किया जाता है। कई ग्राहक इन फीचर्स के लिए ज्यादा कीमत देने के लिए भी तैयार होते हैं। आखिर क्या सही में इस तरह के फीचर्स से फायदा होता है या फिर इनसे परेशानी भी हो सकती है। ऐसा ही एक फीचर पुश बटन स्टार्ट और स्टॉप का है। हम इस खबर में आपको इस फीचर के फायदे और नुकसान दोनों की ही जानकारी दे रहे हैं।
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मिलता है खास फीचर
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- फोटो : maruti suzuki
आज के समय की ज्यादातर कारों में पुश बटन स्टार्ट और स्टॉप का फीचर मिल जाता है। इस फीचर के जरिए कार को चलाने में आसानी होती है और इससे सुरक्षा में भी बढ़ोतरी हो जाती है। लेकिन इस फीचर से परेशानी होने की संभावना भी बनी रहती है।
अगर किसी कार में पुश बटन स्टार्ट और स्टॉप का फीचर है। तो उस कार को चलाने के लिए ड्राइवर को चाबी को घुमाने की जरूरत नहीं रहती। एक बटन दबाकर ही कार को आसानी से स्टार्ट और बंद किया जा सकता है। चाबी को भी जेब या कार में कहीं पर रखा जा सकता है जिससे काफी सहूलियत हो जाती है, क्योंकि चाबी में लगे एडवांस सेंसर के जरिए ही कार सेंस करती है और काम करती है।
चाबी के मुकाबले में इस फीचर से लैस कारों में ज्यादा सुरक्षा होती है। इसका सीधा और आसान कारण यह है कि चाबी से स्टार्ट होने वाली कार की डुप्लीकेट चाबी बनाकर इसे स्टार्ट किया जा सकता है। ऐसा ना करने पर भी कार के अंदर से तारों को छेड़कर इन्हें स्टार्ट किया जा सकता है लेकिन पुश बटन स्टार्ट और स्टॉप के फीचर के साथ आने वाली कारों में चाबी लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। साथ ही इनमें लगे एडवांस सेंसर जब सही चाबी को सेंस करते हैं तभी कार को स्टार्ट किया जा सकता है। ऐसे में इस बात की संभावना काफी कम हो जाती है कि कोई दूसरा व्यक्ति आपकी कार को स्टार्ट कर पाए।
जरूरत से ज्यादा सुरक्षा और आराम मिलने से ही परेशानी भी होती है। अगर किसी कारण से आपकी कार की चाबी खराब हो जाए या उसकी बैटरी वीक हो जाए तो संभव है कि उस स्थिति में यह फीचर सही से काम नहीं कर पाएगा। ऐसे में अगर आपको कहीं जल्दी जाना है तो कार स्टार्ट नहीं हो पाएगी और आप समय पर मंजिल तक नहीं पहुंच पाएंगे।
आजकल सभी कारों में इस फीचर को ऑफर किया जाता है। लेकिन अगर आप ध्यान से कार की पूरी जानकारी लेंगे तो यह फीचर कार के सभी वैरिएंट्स में नहीं मिलता। इस फीचर को आमतौर पर किसी भी कार के मिड और टॉप वैरिएंट्स में ही ऑफर किया जाता है। जिसके लिए ज्यादा कीमत देनी पड़ती है। इस फीचर के लिए सामान्य चाबी के मुकाबले ज्यादा वायरिंग, सेंसर आदि का खर्चा होता है जो कंपनी सीधे-सीधे ग्राहक से वसूलती है। ऐसे में इस फीचर के साथ आने वाली कार को खरीदना उसके बेस वैरिएंट के मुकाबले महंगा हो जाता है।