सड़कों पर लगातार हादसों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन नेशनल हाइवे पर कुछ नियमों को तोड़ने वाले ही हादसों का शिकार होते हैं। भारत में किन नियमों को सबसे ज्यादा तोड़ा जाता है। आइए जानते हैं।
नेशनल हाइवे पर वाहन चलाते समय चालक कई नियमों को अनदेखा कर देते हैं। सुरक्षा के लिए बनाए गए इन नियमों की अवहेलना के कारण ही सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। हम इस खबर में आपको ऐसे ही कुछ हादसों की जानकारी दे रहे हैं, जो नेशनल हाइवे पर सफर के दौरान सबसे ज्यादा हादसों के लिए जिम्मेदार हैं।
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इस नियम को सबसे ज्यादा तोड़ते हैं ड्राइवर
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स्टीयरिंग व्हील पकड़ने का तरीका।
- फोटो : Amar Ujala
नेशनल हाइवे पर ड्राइविंग के दौरान सबसे ज्यादा जिस नियम को तोड़ने पर हादसे होते हैं, उसमें ओवर स्पीडिंग सबसे ऊपर आती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से कुछ समय पहले जारी हुई हाइवे रोड सेफ्टी रिपोर्ट 2021 के मुताबिक नेशनल हाइवे पर होने वाले सभी हादसों में से 74.4 फीसदी हादसे सिर्फ ओवर स्पीड के कारण होते हैं। इसी कारण से देशभर में नेशनल हाइवे पर 72.2 फीसदी लोगों की हादसे के बाद मौत भी हो जाती है।
ओवर स्पीडिंग के बाद सबसे ज्यादा लोगों के साथ नेशनल हाइवे पर हादसे कई कारणों से होते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 के दौरान 17.1 प्रतिशत हादसे अन्य कारणों से हुए और इनमें 18.1 फीसदी लोगों की मौत भी हुई।
तीसरे नंबर पर गलत दिशा में ड्राइविंग करने से भी नेशनल हाइवे पर बड़ी संख्या में हादसे होते हैं। कुल हादसों में गलत दिशा में ड्राइविंग करने वालों के हादसों का आंकड़ा 4.3 फीसदी है। साल 2021 के दौरान कुल 5568 हादसे ऐसे थे जिनमें गलत दिशा में ड्राइविंग की गई थी और इस कारण 2823 मौत भी हुई थी जो कुल हादसों का पांच फीसदी है।
ड्रिंक और ड्राइव ना करें
- फोटो : For Reference Only
शराब पीकर वाहन चलाने से भी नेशनल हाइवे पर कई हादसे होते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 के दौरान कुल हादसों में 2.3 फीसदी हादसे ड्रंक एंड ड्राइविंग के कारण हुए थे। इनकी कुल संख्या 2949 थी और इनमें कुल 1352 लोगों की मौत हुई।
नेशनल हाइवे पर होने वाले सड़क हादसों में मोबाइल का भी काफी योगदान है। वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करने पर कुल हादसों में से 1.6 फीसदी हादसे हुए, जिसकी संख्या साल 2021 के दौरान 1997 रही। जबकि इस कारण 1040 मौत भी हुईं, जो कुल हादसों का 1.9 फीसदी है।
नेशनल हाइवे पर रेड लाइट जंप करने से भी हादसे होते हैं। वैसे तो भारत में अब ज्यादातर हाइवे इस तरह बनाए जा रहे हैं जिनमें बिना रोक-टोक वाहन को कई किलोमीटर तक चलाया जा सकता है। लेकिन अभी-भी कुछ नेशनल हाइवे पर रेड लाइट हैं जिनके कारण साल 2021 में 555 हादसे हुए और इनमें 222 मौत भी हुईं।
सरकार की ओर से जारी गई रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 में नेशनल हाइवे पर कुल 128825 हादसे हुए जिनमें कुल 56007 मौत हुईं। सड़क हादसों की यह संख्या साल 2020 के मुकाबले 11.6 फीसदी ज्यादा है।