सीएनजी कारें प्रदूषण होने से रोकती है, साथ ही कॉस्ट सेविंग का काम भी करती हैं। सीएनजी कार में बड़े टैंक की वजह से गाड़ी का बूट स्पेस कम हो जाता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ट्विन सिलेंडर तकनीक को लाया गया। ऐसे में कार में एक बड़े सीएनजी सिलेंडर की जगह दो ट्विन सिलेंडर का इस्तेमाल होने लगा। इससे बूट स्पेस में इजाफा हुआ। साथ ही कार का स्पेयर टायर गाड़ी के नीचे आ गया।
इस साल भी गर्मी का प्रकोप काफी ज्यादा रहने वाला है। ऐसे में कार से सफर के दौरान कार के तापमान को नियंत्रित करने के लिए ऑटोमेटिक क्लाईमेट कंट्रोल फीचर का होना काफी जरूरी है। केबिन के तापमान को नियंत्रित करके एसी के फंक्शन को काफी आसानी से मैनेज कर सकते हैं।
अगर कार में वेंटिलेटेड और हीटेड सीट्स का इस्तेमाल किया गया है तो ठंड के मौसम में ये हीट देंगी। वहीं, गर्मी के दौरान ये सीट की सतह से ठंडी हवा देगी। ऐसे में कार के बाहर किस तरह का मौसम है, मगर कार के अंदर काफी आरामदायक अनुभव मिलेगा। ये फीचर आजकल कई अफोर्डेबल कारों में आ रहा है।
कार में हैड्सअप तकनीक की वजह से सेफ्टी के लिए कई अन्य जानकारी मिल जाती है। ड्राइवर को स्पीड, नेविगेशन और कई तरह की चेतावनी दी जाती है। ये फीचर ड्राइवर को सफर के दौरान जागरुक रखता है।
कार चलाने के दौरान ड्राइवर को अतिरिक्त सेफ्टी देने के लिए एडीएएस फीचर कमाल की तकनीक है। एडीएएस फीचर में लेन डिपार्चर वार्निंग, ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग जैसे सुविधा मिलती है। कई कार कंपनियां अपनी कारों में लेवल-2 एडीएएस फीचर दे रही हैं।