पेट्रोल की कीमत काफी कम समय में काफी तेजी से बढ़ी है। जिससे अपने वाहन से सफर करना थोड़ा मुश्किल हो गया है। ऐसे में कई लोग अपने स्कूटर से ज्यादा एवरेज लेने के लिए कुछ खास तरह की सेटिंग करवाते हैं। इस तरह की सेटिंग को करवाने से फायदा मिलता है या नुकसान होता है। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं।
होती है यह सेटिंग
कई लोग अपनी बाइक और स्कूटर से ज्यादा एवरेज लेने के लिए कुछ खास तरह की सेटिंग करवा देते हैं। मेकैनिक से कहकर कार्बोरेटर को ट्यून करवा दिया जाता है। जिससे जरूरत से कम मात्रा में ईंधन इंजन तक पहुंचता है और इससे एवरेज में बढ़ोतरी हो जाती है। लेकिन इससे कई परेशानियां भी सामने आने लगती हैं।
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स्टार्ट करने में होती है परेशानी
एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर कोई भी व्यक्ति अपने वाहन में इस तरह की सेटिंग करवाता है, तो उससे कई बार बाइक या स्कूटर को स्टार्ट करने में परेशानी होने लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इंजन में जरूरी मात्रा में जाने वाले पेट्रोल को कम कर दिया जाता है। ठंड के मौसम में तो सबसे ज्यादा परेशानी सामने आती है, जब कम तापमान में रातभर घर के बाहर खड़ी बाइक या स्कूटर को सुबह स्टार्ट किया जाता है।
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एक्सीलेरेटर देने की जरुरत
एक बार इस तरह की सेटिंग करवाने के बाद भले ही बाइक या स्कूटर से आपको ज्यादा एवरेज मिले। लेकिन इसका बुरा असर ट्रैफिक के दौरान बाइक या स्कूटर के इंजन पर होता है। कार्बोरेटर को ट्यून करवाने के बाद काफी कम मात्रा में पेट्रोल इंजन तक जाता है। जिससे गाड़ी को स्टार्ट रखने और जाम की स्थिति में बंद रखने से बचाने के लिए बार बार एक्सीलेरेटर देने की जरूरत होती है। इस स्थिति में आपको ज्यादा परेशानी हो सकती है।
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होगा बड़ा नुकसान
ज्यादा एवरेज के लिए इंजन की सेटिंग करवाने का सबसे खराब नतीजा इंजन का सीज होना होता है। अगर स्कूटर से ज्यादा एवरेज चाहने के कारण ट्यूनिंग के साथ छेड़छाड़ की जाती है तो इंजन तक पेट्रोल काफी कम मात्रा में पहुंच पाता है। इस कारण बाइक या स्कूटर के इंजन को क्षमता से ज्यादा काम करना पड़ता है। जिससे इंजन जरूरत से जल्दी गर्म हो जाता है। जल्दी गर्म होने और देर तक तापमान ज्यादा रहने के कारण इंजन के अंदरूनी पार्ट्स को ज्यादा नुकसान होता है, जिससे इंजन सीज तक हो सकता है। एक बार इंजन सीज हो जाए तो फिर उसे ठीक करवाने में बड़ी मात्रा में पैसा और समय देना पड़ता है।
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