अगर आप नहीं जानते हैं तो आपको बता दें कि पेट्रोल और हाइब्रिड कार में कोई बड़ा अंतर देखने को नहीं मिलता है। पेट्रोल और हाइब्रिड कार बाहरी और अंदरुनी तौर पर लगभग समान होती है। हालांकि, दोनों कारों के इंजन में बड़ा फर्क होता है।
देश के कार बाजार में पेट्रोल कारों की भरमार है। अगर हाइब्रिड कार से पेट्रोल कार की तुलना की जाए तो पेट्रोल कार सस्ती होती है। इसके साथ ही बाजार में ज्यादा पेट्रोल कार होने की वजह से इनकी सर्विस और मेंटेनेंस काफी कम होती है। इस वजह से काफी लोग पेट्रोल कार को प्राथमिकता देते हैं। इसके अलावा पेट्रोल कार की सर्विस आसानी से देशभर में कही भी कराई जा सकती है। पेट्रोल इंजन वाली कार में ज्यादा ताकत और अधिक टार्क मिलता है। इस वजह से कार चालक को ड्राइविंग के दौरान बेहतर अनुभव मिलता है।
वहीं, पेट्रोल कार के नुकसान की बात करें तो पेट्रोल कार हाइब्रिड कार के मुकाबले कम माइलेज देती है। इसके साथ ही पेट्रोल कार पर्यावरण को ज्यादा नुकसान पहुंचाती है।
उधर, हाइब्रिड कार में इलेक्ट्रिक मोटर के साथ इंजन भी मिलता है। इसी वजह से हाइब्रिड कार पेट्रोल कार की तुलना में ज्यादा माइलेज देती है। हाइब्रिड कार में दो तरह के विकल्प होते हैं, इसी वजह से इस कार को चलाने का खर्च कम आता है। इसके साथ ही हाइब्रिड कार पर्यावरण के लिए ज्यादा अनुकूल होती है। ऐसे में इस कार की मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है। हाइब्रिड कार का एक और फायदा है कि इसे शहरों की सड़कों पर आसानी से चलाया जा सकता है। इस वजह से चालक को अच्छा ड्राइविंग एक्सपीरियंस मिलता है।
वहीं, हाइब्रिड कार में कई तरह के नुकसान भी होते हैं। देश में फिलहाल इन कारों की कीमते काफी ज्यादा हैं। इस वजह से इनकी बिक्री बेहद कम होती है। इसके साथ ही हाइब्रिड कार का रखरखाव और सर्विस पर अधिक खर्च होता है, क्योंकि इसमें इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल इंजन के तौर पर दो विकल्प मिलते हैं।