कर्नाटक वाहन नंबर प्लेट निर्माता और विक्रेता संघ के अध्यक्ष, एसएन जितेंद्र, ने लोकायुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें उन्होंने 1 जनवरी, 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) (HSRP) के कार्यान्वयन में 700 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत में आरोप लगाया गया है कि परिवहन विभाग के अधिकारियों ने, जिनका काम जनता के हित को सुनिश्चित करना है, कथित रूप से अपने पदों का दुरुपयोग किया है। इससे ऐसी स्थिति बन गई है जहां लगभग दो करोड़ पुराने वाहनों के मालिकों को HSRP को बढ़ी हुई दरों पर खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। जिसकी वजह से सार्वजनिक धन का व्यवस्थित गबन होता है।
शिकायत इन आरोपों की गहन जांच की जरूरत पर जोर देती है। साथ ही अधिकारियों से आग्रह करती है कि वे कथित भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें।
मानक प्रक्रिया के अनुसार, पुराने और नए दोनों वाहनों के लिए खाली नंबर प्लेट सीधे एचएसआरपी निर्माताओं से हासिल किए जाने चाहिए। इसके बाद, डीलरों से उम्मीद की जाती है कि वे पुराने वाहनों के मालिकों को एचएसआरपी बेचने से पहले इन प्लेटों पर रजिस्ट्रेशन नंबर छापेंगे। हालांकि, शिकायत में इस प्रोटोकॉल से अलग कार्य करने का आरोप लगाया गया है। जिससे पुराने वाहनों के मालिकों पर अत्यधिक शुल्क लगाया जा रहा है।
शिकायत बताती है कि स्थापित प्रक्रिया को दरकिनार करके, वैधता का घोर उल्लंघन हो रहा है। जिसकी वजह से वाहन मालिकों का शोषण हो रहा है, जिनसे एचएसआरपी के लिए ज्यादा कीमत वसूली जा रही है।