पारंपरिक तौर पर, हम सीखते आए हैं कि कार को सुरक्षित रखने का मतलब है गाड़ी खड़ी करते समय उसमें रखीं महत्वपूर्ण वस्तुओं को छिपाकर, खिड़कियां बंद करना, दरवाजे बंद करना और चोरी रोकने वाला अलार्म चालू करना। हालांकि, डिजिटलीकरण और नई टेक्नोलॉजी के जमाने में, खासकर कनेक्टेड कारों के आने के साथ, एक नया सुरक्षा खतरा सामने आया है जिसे कई कार मालिक नजरअंदाज करते हैं। वह कार हैकिंग है।
जिस तरह डिजिटल दुनिया में किसी भी चीज को हैक किया जा सकता है, उसी तरह एक कार भी हैकिंग के खतरे से अछूती नहीं है। मॉडर्न कारें एडवांस्ड और कनेक्टेड टेक्नोलॉजी की एक बड़ी रेंज के साथ आती हैं। यह अनिवार्य रूप से मॉडर्न कारों को विशाल चलते हुए कंप्यूटर बना देता है। जबकि ऑटोनॉमस ड्राइविंग वाहन एडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन असिस्ट और ऑटोमैटिक ब्रेकिंग जैसी सेफ्टी फीचर्स से लैस होते हैं। उन्हें खासतौर पर हैकिंग का खतरा ज्यादा होता है। फिर भी कारखाने से निकलने वाली कोई भी गाड़ी हैक होने के जोखिम में रहती है।
- फोटो : BMW
जाहिर है, वाहन हैकिंग कार मालिकों के लिए एक गंभीर खतरा है। हालांकि वास्तविक दुनिया में बहुत कम हैकरों ने वाहनों को निशाना बनाया है। लेकिन अब तक वाहनों पर किए गए ज्यादातर हैकिंग के मामले आधुनिक वाहनों की कमजोरियों की पहचान करने के लिए काम करने वाली टीमों या शोधकर्ताओं द्वारा पूरे किए गए हैं। यहां हम आपको कार के हैक होने के जोखिम को कम करने के लिए कुछ टिप्स बता रहे हैं।
अपने घर का पता GPS में दर्ज न करें
जीपीएस का पता दर्ज करना, आपके लिए सुविधाजनक हो सकता है। लेकिन इससे हैकर्स को आपका घर आसानी से ढूंढने में मदद मिलेगी। साथ ही, अगर वे आपकी कार के सिस्टम में घुसपैठ कर सकते हैं, तो वे आपके घर में भी घुसपैठ कर सकते हैं। इसलिए, कार के जीपीएस में घर का पता दर्ज करने से बचें।
कार में पासवर्ड न छोड़ें
हैकिंग शारीरिक रूप से भी की जा सकती है। अगर कोई बुरे इरादे से आपके वाहन में घुसता है और कार में छोड़े गए पासवर्ड को ढूंढ लेता है। तो वह व्यक्ति आपके खाते तक पहुंच सकता है। इसलिए, अपनी कार में कोई भी पासवर्ड न छोड़ें।
वायरलेस सिस्टम सीमित करें
ऐसे सिस्टम जो आपको अपने वाहन के कार्यों को डिसेबल करने या दूरस्थ रूप से इसकी निगरानी करने की अनुमति देते हैं, वे मुश्किल हो सकते हैं। हालांकि कई सिस्टम हार्ड-वायर्ड होते हैं। वायरलेस या रिमोट सिस्टम अक्सर ऑनलाइन कंट्रोल होते हैं और हैकिंग के लिए सबसे ज्यादा असुरक्षित होते हैं। इसलिए, जहां तक हो सके, अपनी कार में वायरलेस सिस्टम को सीमित करें।
कार के सिस्टम में अनजान ऐप्स डाउनलोड न करें
आपकी कार का इंफोटेनमेंट सिस्टम असुरक्षित होता है। और अक्सर हैकर्स के लिए आपके वाहन डेटा तक पहुंचने का आसान जरिया होता है। कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम में अविश्वसनीय ऐप्स डाउनलोड करने और इस्तेमाल करने से वाहन के सिस्टम में मैलवेयर आ सकता है। कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम के वेब ब्राउजर का इस्तेमाल नहीं करना ही बेहतर है। आप हमेशा अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करके हर काम कर सकते हैं।
वाहन रिकॉल के बारे में अपडेट रहें
कार निर्माता अक्सर अपने वाहनों को वापस मंगवाते हैं। अगर उन्हें अपने संबंधित वाहनों के सिस्टम में कोई गड़बड़ी मिलती है। वे खामियों को दूर करते हुए गड़बड़ियों को ठीक करते हैं। इसलिए, हमेशा ऐसे रिकॉल नोटिफिकेशन के बारे में अपडेट रहें।
कार इंफोटेनमेंट सिस्टम फर्मवेयर को हमेशा अपडेट करें
कार इंफोटेनमेंट सिस्टम फर्मवेयर को अपडेट करना बिल्कुल अपने फोन या लैपटॉप को लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम में अपडेट करने जैसा है। ये अपडेट पैच के जरिए गड़बड़ियों को ठीक करते हैं और सुरक्षा बढ़ाते हैं।