कार के टायर गाड़ी चलने के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे में अगर कार के टायर सही स्थिति के साथ नहीं होंगे तो दिक्कत आ सकती है। कार चलाने वाले बेहद लोग होते हैं, जिन्हें पता ही नहीं होता कि कार के टायरों के साइज भी होते हैं। टायरों के साइड वाल में टायरों का साइज लिखा होता है। अगर आपको इसकी जानकारी नहीं है तो आप किसी मैकेनिक की सहायता ले सकते हैं।
अगर आप कार की माइलेज बढ़ाना चाहते हैं तो टायरों के ट्रेड पैटर्न को समझना होगा। अगर आप गलत ट्रेड पैटर्न वाले टायरों का चुनाव करेंगे तो इससे गाड़ी की परफॉर्मेस कम हो जाती है। टायर का ट्रेड पैटर्न इतना महत्वपूर्ण है कि इसके सही होने से कार आसानी से सड़क पर अपनी पकड़ बना लेती है। वहीं, अगर कार को बारिश के दौरान चलाया जाए तो भी कार नियंत्रित रहती है और फिसलने नहीं है।
कुछ समय पहले तक अधिकतर लोग कारो में ट्यूब वाले टायर ही लगवाते थे। मगर वक्त के साथ-साथ अब लोग ट्यूबलेस टायर की ओर रुख कर रहे हैं। गाड़ी में ट्यूबलेस टायर लगवाने के बाद सुरक्षा बढ़ जाती है और ड्राइवर को बेहतर ग्रिप मिलती है, क्योंकि इन टायरों की लाइफ लंबी होती है।
इसके साथ बहुत कम लोग जानते हैं कि टायर की रबड़ भी काफी अहम होती है। अगर कार के टायरों में अच्छी गुणवत्ता की रबड़ लगी है तो इससे कार को सड़क पर अच्छी पकड़ मिलती है। साथ ही रबड़ देर तक चलती है और जल्दी घिसती नहीं है। ऐसे में कार की माइलेज पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है।