प्रदूषण को कम करने के लिए डीजल वाहनों में भी खास तरह के फिल्टर का उपयोग किया जाता है। यह किस तरह का फिल्टर होता है और इसका ध्यान कैसे रखा जाए। आइए जानते हैं।
मॉडर्न डीजल कारों में कंपनियों की ओर से एक खास तरह के फिल्टर को लगाया जाता है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि यह कौन सा फिल्टर होता है और इससे किस तरह से फायदा मिलता है। साथ ही यह भी बता रहे हैं कि इससे किस तरह से प्रदूषण कम होता है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
आता है फिल्टर
पेट्रोल के मुकाबले डीजल वाहन ज्यादा प्रदूषण करते हैं। लेकिन नई डीजल कारों और अन्य वाहनों में कंपनियां एक खास तरह के फिल्टर का उपयोग करती हैं। इस फिल्टर के कारण डीजल वाहनों से प्रदूषण काफी कम हो जाता है। इस फिल्टर को डीपीएफ यानि कि डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर कहा जाता है।
क्या होता है डीपीएफ
डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर को सिर्फ डीजल वाहनों में ही लगाया जाता है। इसका काम वाहन से निकलने वाले प्रदूषित कणों को रोकना और कम प्रदूषण करना होता है। यह इंजन से आने वाले धुएं को फिल्टर करता है। इस फिल्टर को कंपनियों की ओर से वाहन के एग्जॉस्ट सिस्टम में लगाया जाता है।
कैसे करता है काम
डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर को वाहन के एग्जॉस्ट में लगाया जाता है। जब भी वाहन को स्टार्ट किया जाता है तो इंजन से लगातार धुआं बाहर की ओर निकलता है। लेकिन इस फिल्टर के कारण धुएं से निकलने वाले हानिकारक और प्रदूषित कण बाहर नहीं निकल पाते।
कैसे रखें ध्यान
लंबे समय तक वाहन के उपयोग के कारण यह फिल्टर धीरे-धीरे ब्लॉक होने लगता है और धुआं पहले के मुकाबले कम मात्रा में निकलता है। जिससे इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ने के कारण कई पार्ट्स के खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में डीपीएफ को निश्चित अवधि के बाद साफ करवाना चाहिए। या फिर सर्विस के समय पर भी इसे चेक करवाना चाहिए। अगर जरूरी हो तो इसकी सफाई करवानी चाहिए।