कार चलाने वाले भी पार्किंग लाइट और हैजर्ड लाइट में सही फर्क नहीं कर पाते हैं। अगर आप भी अक्सर इन दोनों लाइट्स को लेकर दुविधा में रहते हैं तो आपको बता दें कि पार्किंग लाइट और हैजर्ड लाइट दोनों ही कार के फ्रंट में होती है। हालांकि, कार के आगे की तरफ दी गई इन दोनों ही लाइट्स में बड़ा अंतर होता है। अगर आपको सही जानकारी है तो आप आसानी से समझ सकते हैं।
कार में दी गई पार्किंग लाइट गाड़ी के आगे और पीछे दोनों तरफ दी गई होती है। पार्किंग लाइट कार क हैडलाइट की तरह नहीं होती है, बल्कि ये एम्बर रंग की होती है। कार की पार्किंग लाइट का इस्तेमाल तब होता है, जब कार किसी अंधेरे वाली सड़क या फिर पार्किंग में खड़ी होती है। इसके अलावा पार्किंग लाइट का इस्तेमाल सुबह-शाम, धुंध के मौसम या फिर बारिश के दौरान किया जाता है। कार के आगे और पीछे की ओर छोटे-छोटे बल्ब होते हैं, उन्हें ही पार्किंग लाइट कहा जाता है। पार्किंग लाइट को अकेले नहीं चलाया जाता है, क्योंकि इसकी रोशनी बेहद कम होती है।
कार में हैजर्ड लाइट का इस्तेमाल काफी अहम होता है। ये लाइट्स रुक-रुककर चलती है। इन लाइट्स को हैजर्ड फ्लैशर्स भी कहा जाता है। जब भी कार किसी दिक्कत में होती है या फिर किसी इमरजेंसी की स्थिति में होती है तो इस लाइट का इस्तेमाल किया जाता है। हैजर्ड लाइट सड़क पर चल रहे दूसरे वाहनों को इसकी जानकारी देती है कि कार किसी परेशानी में है। इसके साथ ही कार के चारों इंडीकेटर्स भी चलते हैं, ताकि आसपास के वाहनों को अलर्ट मिल सकें।