अपनी कार में अधिकतर लोग ऑफ्टरमार्केट एग्जॉस्ट को लगवाते हैं। इसे लगाने से गाड़ी की पावर पर फर्क पड़ता है। ये एग्जॉस्ट सीमा से अधिक तेज होते हैं, ऐसे में ये पूरी तरह से गैर-कानूनी है। अगर ये 80 डेसिबल से ज्यादा है तो चालक इसका इस्तेमाल नहीं कर सकता है। ऑफ्टरमार्केट एग्जॉस्ट के लिए स्थानीय आरटीओ ऑफिस से इसकी लिमिट के बारे में जानकारी ली जा सकती है।
आप भूलकर भी अपनी कार का इंजन नहीं बदल सकते हैं। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर और इंजन नंबर समान रहते हैं, वहीं, इसे बदलने के लिए आरटीओ ऑफिस से मंजूरी लेनी होगी। अगर आप बिना अनुमति के इंजन बदलते हैं तो ये मोटर नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। हालांकि, कोई मुश्किल ही रजिस्ट्रेशन नंबर से इंजन नंबर को मिलाता है। मगर कभी ये दोनों नहीं मिले तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सड़क पर आपने काफी लोगों को देखा होगा कि वो अपने वाहनों में हॉर्न होने के बाद भी प्रेशर हॉर्न लगवाते हैं। प्रेशर हॉर्न किसी भी व्यस्त सड़क या फिर शहरों में लोगों को काफी परेशान करते हैं। आपको बता दें कि प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ये हॉर्न 100 डेसिबल से अधिक की आवाज पैदा करते हैं, यही वजह है कि इसके इस्तेमाल से इंसानों की क्षमता खत्म हो सकती है।
काफी लोग अपनी कार में टिंटेड स्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं। कार के आगे और पीछे की तरफ इसे लगाने पर 70 फीसदी चीज दिखनी चाहिए। वहीं, साइडों इसकी सीमा 50 फीसदी तक की है। बेहद ही डार्क स्क्रीन का इस्तेमाल करना पूरी तरह से बैन है।
कई गाड़ियों में देखा गया है कि उनमें बुल बार का यूज किया जाता है। बुल बार को लगाने से किसी हादसे के दौरान कार को कम नुकसान होता है। हालांकि, सामने वाले को इसकी भारी कीमत चुकानी होती है। बुल बार में मेटल का इस्तेमाल होता है, ऐसे में जब भी ये इंसानों से टकराता है तो बड़ा नुकसान करता है। बुल बार का इस्तेमाल करना मोटर नियमों के खिलाफ है।