कार रेडिएटर गाड़ी को सही तरीके से चलाने में अहम भूमिका निभाता है। आसान भाषा में कहे तो ये कार के इंजन को ठंडा रखने का काम करता है। इसका मुख्य काम इंजन को कूलिंग देना होता है। जब भी कार में पेट्रोल डाला जाता है तो इससे एक ऊर्जा निकलती है, ये ऊर्जा इंजन को बहुत गर्म कर देती है, ऐसे में रेडिएटर इंजन को कूलिंग देने का महत्वपूर्ण कार्य करता है।
कार रेडिएटर में अक्सर देखा गया है कि उसमें किसी तरह की लीकेज की परेशानी आ जाती है। कार के पुराने होने पर कई बार रेडिएटर में क्रेक, सील का टूटना और कोई कट हो सकता है। ऐसे में इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए रेडिएटर को बदल देना चाहिए।
अक्सर ये भी देखा गया है कि समय के साथ कार रेडिएटर में जंग लग जाता है। हालांकि जंग इसकी क्षमता पर असर नहीं डालता है, मगर इसके कूलिंग सिस्टम पर बुरा प्रभाव जरूर डालता है। इतना ही नहीं, जंग लगने पर वाटर पंप के प्रदर्शन पर भी काफी खराब असर पड़ता है। इससे इंजन की क्षमता पर भी बेहद बुरा प्रभाव पड़ता है।
कार के रेडिएटर में कई बार होसे की परेशानी आ जाती है। होसे दो तरह के होते हैं, ऊपर वाला होसे रेडिएटर के ऊपरी हिस्से से जुड़ा होता है। वहीं, नीचे वाला होसे रेडिएटर के नीचे वाले भाग से जुड़ा होता है। ये रबर और सिंथेटिक से बना होता है। ऐसे में कई बार इसमें क्रैक आ जाता है, इससे कूलिंग में लीकेज हो जाती है। इससे इंजन की सही से कूलिंग नहीं हो पाती है।