देशभर में नेशनल हाईवे पर चार पहिया वाहनों के लिए 15 फरवरी से फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है। फास्टैग न होने पर निर्धारित टोल टैक्स से दोगुना टैक्स वसूलने के आदेश दिए गए हैं। नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) ने शत-प्रतिशत वाहनों के फास्टैग बनाने के लिए टोल प्लाजा में दोनों तरफ काउंटर (प्वाइंट आफ सेल) बनाए हैं। इनमें 10 से 15 मिनट में फास्टैग बनाने का दावा किया जा रहा है। टोल प्लाजा में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
अगर आप नेशनल हाईवे पर यात्रा कर रहे हैं तो अपने स्मार्टफोन में सुखद यात्रा एप डाउनलोड कर सकते हैं। इस मोबाइल एप को एनएचएआई ने तैयार किया है। इस एप में कई फीचर दिए गए हैं जिसका यात्री फायदा उठा सकते हैं। Yamuna Expressway (यमुना एक्सप्रेसवे) उत्तर-प्रदेश का काफी व्यस्त और ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला रूट है। अगर आप यमुना एक्सप्रेसवे पर यात्रा कर रहे हैं तो भी वाहन चालक इस एप का लाभ उठा सकते हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे पर लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
सुखद यात्रा मोबाइल एप्लिकेशन में कई फीचर मिलते हैं। आप इस एप में रजिस्टर करने के बाद हाईवे में पड़ने वाले टोल प्लाजा की जानकारी हासिल कर सकते हैं। चालक एप के जरिए पता कर सकता है कि रास्ते में कितने टोल प्लाजा पड़ेंगे। इसके साथ ही नजदीकी टोल प्लाजा कितनी दूर है समेत कई अन्य जानकारी भी ले सकते हैं।
मथुरा: यमुना एक्सप्रेसवे पर टकराए कई वाहन
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एप में राजमार्ग के बारे में भी कई जानकारी मिलती है। इसके साथ ही मुसाफिर राजमार्ग के बारे में अपना फीडबैक भी एनएचएआई के साथ शेयर कर सकते हैं। इसमें फास्टैग और लेन से संबंधित कोई असुविधा हो या टोल प्लाजा के प्रबंधन के बारे में कोई शिकायत है तो इस एप के जरिए एनएचएआई तक पहु्ंचाई जा सकती है।
इसके अलावा अगर राजमार्ग में कई गड्ढ़े हैं या सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाला कोई निर्माण किया गया हो, सड़क की गुणवत्ता खराब लग रही हो, तो इस सुखद यात्रा एप के जरिए इसकी शिकायत की जा सकती है।
यमुना एक्सप्रेसवे
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राजमार्ग में ओवर स्पीड, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और सड़क हादसों की खबरें मिलती रही हैं। एप न जरिए राजमार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को बंद रास्ते, सार्वजनिक सुविधाओं के बारे में भी जानकारी मिलेगी।
यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा हादसे तेज रफ्तार और कोहरे के कारण होते हैं। किसी दुर्घटना के बाद समय रहते मदद नहीं मिलने की वजह से मुसाफिरों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। इसलिए ऐसी स्थिति से बचाव के लिए सावधानी पूर्वक गाड़ी चलानी चाहिए।
यमुना एक्सप्रेसवे
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Highway Saathi (हाईवे साथी) एप के बारे में भी खबरें आई कि यमुना एक्सप्रेसवे में यात्रा करने के लिए 15 फरवरी से इसे अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन जब गूगल प्लेस्टोर या एप स्टोर पर इसे खोजा गया तो Highway Saathi एप नहीं मिल रहा है।