देश के मशहूर उद्योगपति साइरस मिस्त्री की सड़क हादसे में मौत के बाद सड़क सुरक्षा के प्रति सरकार भी काफी गंभीर दिखाई दी। हादसे के बाद कई बदलाव देखने को मिले।
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साइरस मिस्त्री की कार हुई क्षतिग्रस्त
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत के मशहूर उद्योगपति साइरस मिस्त्री की मौत देश के सबसे बड़े हादसों में से एक रही। इस हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखाई दी और राज्यों में कई सड़क सुरक्षा को लेकर कई बदलाव देखने को मिले।
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सड़क हादसे में हुई थी साइरस मिस्त्री की मौत
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सायरस मिस्त्री की पोस्टमार्टम रिपोर्ट
- फोटो : Social Media
महारष्ट्र के पालघर में चार सितंबर 2022 को देश के मशहूर उद्योगपति साइरस मिस्त्री की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि मर्सिडीज जैसी सुरक्षित कार के भी परखच्चे उड़ गए। मिस्त्री की मौत मौके पर ही हो गई थी।
Cyrus Mistry Death- rear seat belt
- फोटो : Agency (File Photo)
देश के मशहूर उद्योगति की मौत के बाद सड़क सुरक्षा पर भी सवाल उठे। मिस्त्री भले ही कार में पीछे की सीट पर बैठे हुए थे लेकिन हादसे के बाद शुरूआती जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि पीछे बैठने के बाद मिस्त्री ने सुरक्षा के लिए सीटबेल्ट नहीं लगाई थी। जिसके कारण उनकी मौत हुई।
साइरस मिस्त्री की मौत सभी को एक बड़ा सबक सिखा गई। कई राज्यों की ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए पीछे की सीटबेल्ट को लगाना जरूरी किया। इसके लिए पुलिस और सरकार की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए गए। सड़क पर वाहनों को रोककर पुलिस की ओर से पीछे की सीट पर सीटबेल्ट लगाने को लेकर जागरूक भी किया गया।
देश की राजधानी की बात करें तो यहां पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहले तो लोगों को कार में पीछे की सीट पर बैठने वालों को जागरूक किया। बाद में ट्रैफिक पुलिस की ओर से एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
देश में हर साल लाखों सड़क हादसे होते हैं। इन हादसों में कई हादसे ऐसे भी होते हैं, जिनमें सीट बेल्ट नहीं लगाने के कारण हादसे और गंभीर हो जाते हैं। लगातार हादसे होने के बाद भी जब बात खुद पर आती है तो लोग सीटबेल्ट लगाने से परहेज करते हैं। कई लोग पीछे की सीट पर ही नहीं आगे बैठने पर भी सीटबेल्ट लगाने से कतराते हैं।
पिछले साल दिल्ली में सड़क हादसों में 1239 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से कई हादसे ऐसे थे जिनमें लोगों ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। ट्रैफिक पुलिस की ओर से 35,29,090 नोटिस भी सिर्फ ओवर स्पीडिंग के मामलों में जारी किए गए थे। इनके अलावा सीट बेल्ट ना लगाने, रेड लाइट क्रॉस करने के मामले अलग थे।