यदि आप राजधानी दिल्ली में गाड़ी में ईंधन भरवाने जा रहे हैं, तो आपको घर से निकलने से पहले यह जांच कर लेनी चाहिए कि आपके पास वाहन के वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) हैं या नहीं। ऐसा नहीं करने पर आपको भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। बढ़ते प्रदूषण को काबू में रखने के लिए दिल्ली सरकार ने अब पेट्रोल पंपों पर भी चेकिंग टीम तैनात करने का आदेश दिया है। ऐसे में अगर आप पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट अपने पास नहीं रखते हैं तो आपको 10,000 रुपये का चालान भरना पड़ सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली परिवहन विभाग के उपायुक्त अनुज भारती ने बताया कि लोगों को पीयूसी सर्टिफिकेट के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत पेट्रोल पंपों पर दिल्ली परिवहन विभाग की टीमें तैनात की जाएंगी, जो वहां ईंधन भरने के लिए आने वाले वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच करेंगी। जिनके पास यह प्रमाण पत्र नहीं होगा उन पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रदूषण जांच केंद्र
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उपायुक्त ने बताया कि दिल्ली में 14 अक्तूबर तक 17,71,380 वाहन बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के सड़कों पर चल रहे हैं। इन पर काबू पाने के लिए विभाग की ओर से दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर 500 टीमों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन वाहनों का प्रदूषण प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, उन्हें इसे बनवाने के लिए 24 घंटे का समय मिलेगा। इसके बाद उन वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर का ऑनलाइन वेरिफिकेशन किया जाएगा। जिन वाहनों का प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बना उनके घर ई-चालान भेजा जाएगा।
Delhi Pollution
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उन्होंने कहा कि यह अभियान एक महीने तक चलेगा। इस दौरान लोगों में जागरूकता और सख्ती दोनों पर बराबर जोर रहेगा। अभियान की ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से निगरानी की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।