भारत की प्रमुख तेल निर्माण कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने देश भर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन लगाने की पेशकश करके इलेक्ट्रिक व्हीकल के कारवां में शामिल होने का फैसला किया है। कंपनी ने एलान किया है कि भारत के ईवी बुनियादी ढांचे को व्यापक बनाने में मदद करने के लिए, वह साल 2024 तक देश भर में 10,000 ईवी चार्जर लगाएगी।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्रीकांत माधव वैद्य ने बुधवार को यह घोषणा की, जिसमें उन्होंने कहा, "अगले 12 महीनों में 2000 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और अगले दो वर्षों में 8000 अन्य चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे, जिससे अगले तीन साल 10,000 ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।"
कंपनी का लक्ष्य ईवी उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधा में सुधार के लिए अधिक चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध कराकर देश में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा देना है। आईओसी कई अन्य कंपनियों में शुमार हो गई है जिन्होंने अपने चार्जिंग बुनियादी ढांचे के विस्तार की घोषणा की है।
IOC का है बड़ा प्रभाव
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी)
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भारत की टॉप ऑयल फर्म IOC भारत के डीजल-प्रभुत्व वाले पेट्रोलियम उत्पाद बाजार के 40 प्रतिशत से अधिक को नियंत्रित करती है। कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वच्छ ईंधन पर ध्यान देने के साथ केंद्र द्वारा स्वच्छ ऊर्जा के लिए अधिक जोर देने के बीच अपने व्यवसाय को फिर से तैयार कर रही है।
वैद्य ने पहले एक इंटरव्यू में कहा था, "आखिरकार हम भारत की ऊर्जा कंपनी बनने का इरादा रखते हैं और सिर्फ पेट्रोलियम उत्पादों को बेचने तक ही सीमित नहीं रहना चाहते हैं। दुनिया बदल रही है। हम ऑटो-एलपीजी और पारंपरिक ईंधन की पेशकश के साथ-साथ अपने पेट्रोल पंपों पर ईवी चार्जिंग पॉइंट और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगाने का इरादा रखते हैं। तो यह भेंट का एक गुलदस्ता होगा।"
पहले से है इलेक्ट्रिक वाहनों के कारोबार में
आईओसी
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आईओसी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के कारोबार में कदम रखना कोई नई बात नहीं है। कंपनी पहले ही अपने 76 पेट्रोल पंपों पर ईवी-चार्जिंग पॉइंट और 11 और आउटलेट्स पर बैटरी-स्वैपिंग सुविधाएं स्थापित कर चुकी है। यह विभिन्न एडवांस्ड बैटरी टेक्नोलॉजी का भी मूल्यांकन कर रही है। कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ स्टेशनरी एप्लीकेशंस के लिए मेटल-एयर बैटरी-मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाने का इरादा रखती है।
पेट्रोल और डीजल जैसे पारंपरिक ईंधन के अलावा, IOC सीएनजी जैसे स्वच्छ ईंधन की भी बिक्री करती है। आईओसी ने खुद को 40 भौगोलिक क्षेत्रों में खुदरा सीएनजी और पाइप्ड रसोई गैस के लाइसेंस के साथ भारत में प्राकृतिक गैस में दूसरे सबसे बड़े खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है।