दिल्ली में सर्दियों के मौसम में आमतौर पर बढ़ने वाले प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए दिल्ली सरकार काफी संजीदा नजर आ रही है। दिल्ली परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से वैध पॉल्यूशन कंट्रोल सर्टिफिकेट (पीयूसी) को वाहन के साथ रखने को कहा है।
Pollution Under Control PUC certificate : दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए दिल्ली सरकार काफी संजीदा है। दिल्ली परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से वैध पॉल्यूशन कंट्रोल सर्टिफिकेट (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र) (पीयूसी) को वाहन के साथ रखने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर वाहन मालिकों को सख्त कार्रवाई का समाना करना पड़ सकता है। परिवहन विभाग ने कहा है कि पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट के मौजूद नहीं रहने पर दंडात्मक कार्रवाई के तौर पर वाहन मालिकों के ड्राइविंग लाइसेंस को तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। दिल्ली सरकार की यह सलाह सर्दियों के मौसम से ठीक पहले आई है। बता दें कि सर्दियों के मौसम में धुंध के कारण राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की संभावना रहती है।
विज्ञापन
Delhi Traffic Police
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा जारी एक सार्वजनिक नोटिस में कहा गया है कि वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना वाहन मालिकों को पकड़े जाने पर अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों में छह महीने तक की कैद या 10,000 तक का जुर्माना या दोनों शामिल हैं। नोटिस में कहा गया है, "परिवहन विभाग, एनसीटी दिल्ली सरकार, दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के अपने प्रयासों में, दिल्ली में सभी मोटर वाहन मालिकों से अनुरोध करती है कि वे अपने वाहनों को केवल वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के साथ चलाएं।"
प्रदूषण जांच केंद्र
- फोटो : Amar Ujala
नोटिस में आगे सभी पंजीकृत वाहन मालिकों से अनुरोध किया गया है कि वे परिवहन विभाग द्वारा अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्रों से अपने वाहनों की जांच करवाएं। कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड जैसे विभिन्न प्रदूषकों के लिए वाहनों को उनके उत्सर्जन मानकों के लिए समय-समय पर परीक्षण करना पड़ता है, जिसके बाद उन्हें पीयूसी प्रमाणपत्र दिया जाता है। प्रमाणपत्र के खत्म होने की अवधि उसके पंजीकरण की तारीख से एक वर्ष है।
प्रदूषण जांच केंद्र
- फोटो : PTI File
दिल्ली में परिवहन विभाग द्वारा अधिकृत 900 से ज्यादा प्रदूषण जांच केंद्र हैं, जो पूरे शहर में फैले पेट्रोल पंपों और वर्कशॉप में मौजूद हैं। ये जांच केंद्र निर्धारित प्रदूषण मानकों का अनुपालन करने वाले वाहनों को पीयूसी प्रमाणपत्र जारी करते हैं। इस सर्टिफिकेट को रियल टाइम बनाया गया है और इसे वाहन पंजीकरण डेटाबेस के साथ इंटीग्रेट किया गया है।
केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार, बीएस 1, बीएस 2, बीएस 3, बीएस 4 के साथ-साथ सीएनजी/एलपीजी पर चलने वाले सभी वाहनों सहित हर वाहन के लिए एक वैध पीयूसी प्रमाणपत्र होना जरूरी है।