वास्तु के अनुसार घर में लिविंग रूम का बहुत महत्व होता है। शांत और सुंदर लिविंग रूम आप और आपके परिवारजनों को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है, वहीं वास्तु के नियमों के विपरीत या खचाखच भरा हुआ लिविंग रूम आपकी सुख-समृद्धि को बाधित कर सकता है या आपको चिड़चिड़ा बना सकता है। आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार आपका लिविंग एरिया कैसा होना चाहिए।
साफ-सुथरा रखें
वास्तु शास्त्र के अनुरूप, लिविंग रूम को सामान से बहुत अधिक भर देने से आपके कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है वहीं नकारात्मक ऊर्जा में भी वृद्धि होती है। नकारात्मक ऊर्जा के बढ़ने से आप तनाव में रहेंगे और समय से कोई कार्य पूर्ण नहीं होगा इससे बचने के लिए अपने लिविंग एरिया को साफ-सुथरा रखें।
हल्का रंग रखें
लिविंग रूम की दीवारों का रंग हल्का होना चाहिए, ऐसा होने से आपको शांति मिलेगी। इसके लिए हल्के नीले, हरे, पीले, पीच और क्रीम कलर कर सकते हैं। यहां गहरे रंगों का इस्तेमाल करने से बचें।
हल्का फर्नीचर रखें
भारी सामान और अत्याधिक सजावट करना वातावरण को बोझिल बनाता है। दीवारों पर हिंसक व उदासी दर्शाने वाले चित्र लगाने से बचें। सकारात्मक ऊर्जा के स्तर में वृद्धि के लिए पूर्व दिशा की दीवार पर उगते हुए सूरज की तस्वीर,राम दरबार या कोई सुंदर सी वाल क्लॉक भी लगा सकते हैं।
द्वार को साफ और सजाकर रखें
घर में पोजिविटी के लिए हमेशा द्वार को साफ-सुथरा रखें। अधिक तड़क-भड़क वाली तस्वीरें न लगाकर शुभ प्रतीक चिह्न जैसे स्वास्तिक, ॐ, कलश, पवनघंटी, शंख, मछलियों का जोड़ा, तोरण या आशीर्वाद मुद्रा में बैठे गणेश जी लगाना शुभकारक रहता है।
उत्तर में हरियाली हो
कक्ष के पूर्व या उत्तर में मनी प्लांट, बांस का पेड़ या कोई छोटा इंडोर प्लांट जैसे पौधे रखना सुंदरता के साथ-साथ समृद्धिकारक भी माने गए हैं। उत्तर दिशा की तरफ हरे-भरे जंगल या लहलाती फसलों का चित्र लगाने से एक साथ कई लाभ प्राप्त होते हैं।
बीम के नीचे ये करें
वास्तु के अनुसार बीम के नीचे बैठना या सोना शुभ नहीं माना गया है। यदि आपके लिविंग रूम में बीम आ रही है तब ऐसे में या तो आप फॉल सीलिंग करवाकर बीम को पूरी तरह ढक दें। यदि आप ऐसा नहीं कर सकते हैं तो बीम के नीचे सोफा, कुर्सी आदि फर्नीचर नहीं लगाना चाहिए। बीम अलगाव का प्रतीक होता है जो रिश्तों में दूरियां बढ़ाता है। यदि ऐसा करना संभव न हो तो बीम के नीचे बांसुरी या विंड चाईम लटकाएं। इससे वास्तु दोष दूर हो जाता है।
परदों का रखें ध्यान
लिविंग एरिया में सौहार्दपूर्ण वातावरण के लिए नम्र, हल्के और सात्विक रंगों का प्रयोग शुभ परिणामों में वृद्धि करेगा। घर की सजावट में काले रंग की अवेहलना करनी चाहिए क्योंकि इससे नकारात्मकता आती है,तनावपूर्ण और निराशाजनक माहौल रह सकता है।