सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या
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सूर्य ग्रहण का समय
सूर्य ग्रहण की तिथि: 4 दिसंबर, शनिवार।
सूर्य ग्रहण का आरंभ: प्रातः11:00 बजे से
सूर्य ग्रहण समाप्त: दोपहर 03:07 मिनट पर
शनि अमावस्या तिथि और समय
अमावस्या आरंभ: दोपहर 04:55 से ( 3 दिसंबर, शुक्रवार )
अमावस्या समाप्त : प्रातः 01: 12 मिनट तक ( 4 दिसंबर, शनिवार )
आइए जानते हैं वो कौन से उपाय हैं जिनके माध्यम से घर में सुख शांति बनी रहेगी।
इन चीजों का दान करें
शनि अमावस्या और ग्रहण के दौरान निम्नलिखित चीजों का दान करने से दोनों ग्रह प्रसन्न रहेंगे। इन दान में धन वृद्धि के लिए अनाज, शत्रुओं के अंत के लिए काले तिल, विपत्ति से सुरक्षा के लिए छाता, पूर्वजों से मुक्ति के लिए उड़द की दाल, शनि के प्रभाव से मुक्ति के लिए सरसों का तेल दान करना चाहिए।
शमी-पेड़ की पूजा करें
शनिअमावस्या और ग्रहण के दिन शनि-दोष से छुटकारा के लिए शमी-पेड़ की पूजा करें। ग्रहण समपट होने के बाद शाम के वक्त इस पेड़ के नीचे सरसों का दीया जलाएं। शनि अमावस्या के दिन इस उपाय से घर में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही शनि के बुरे प्रभावों से भी छुटकारा मिलता है।
शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं
शनिश्चरी अमावस्या के शुभ योग में सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद शनि मंदिर जाकर साफ-सफाई करें और शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं। नीले फूल अर्पित करें। इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
शिव सहस्त्रनाम का पाठ करें
शिव सहस्त्रनाम या शिव के पंचाक्षरी मंत्र का पाठ करने से शनि के प्रकोप का भय जाता रहता है और सभी बाधाएं दूर होती हैं।
इस मंत्र का करें जाप
शनिदेव के प्रकोप को शांत करने के लिए यह मंत्र काफी प्रभावी है। शनिदेव को समर्पित इस मंत्र को श्रद्धा के साथ जपने से निश्चित रूप से आपको लाभ होगा।
सूर्य पुत्रो दीर्घ देहो विशालाक्ष: शिव प्रिय:।
मंदाचाराह प्रसन्नात्मा पीड़ां दहतु में शनि:।।