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Shani Margi 2023: वक्री से मार्गी होंगे शनिदेव, शनि की सीधी चाल चलने पर जरूर करें ये काम

Mon, 25 Sep 2023 01:58 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

शनिदेव 4 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर अपनी स्वराशि कुंभ में मार्गी होंगे। शनिदेव 30 जून 2024 तक मार्गी अवस्था में रहेंगे। शनि की चाल में बदलाव से सभी 12 राशियों के जातकों पर प्रभाव देखने को मिलेगा।
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shani margi 2023: शनि देव के वक्री होने से सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव होगा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Shani Margi 2023: शनि ग्रह का ज्योतिषशास्त्र में विशेष भूमिका होती है। शनि ग्रह सभी 9 ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि की धीमी चाल चलने की वजह से इनका शुभ-अशुभ प्रभाव सभी लोगों के जीवन में काफी देर तक रहता है। इसके अलावा शनि ग्रह को क्रूर ग्रह भी माना जाता है और यह व्यक्ति को उनके कर्मों के आधार पर ही फल प्रदान करते हैं। शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और अशुभ द्दष्टि को बहुत ही कष्टकारी माना जाता है। वहीं दूसरी तरफ अगर किसी राशि के जातकों के ऊपर शनि की शुभ द्दष्टि पड़ती है तो व्यक्ति को बहुत ज्यादा लाभ मिलता है। शनि के राशि परिवर्तन या फिर चाल में बदलाव होने से हर एक राशि के जातकों  पर प्रभाव जरूर पड़ता है। आपको बता दें कि शनि अभी कुंभ राशि में वक्री चाल यानी उल्टी चाल से चल रहे हैं और 04 नवंबर को ये सीधी चाल से चलने लगेंगे। शनि के मार्गी होने से कुछ राशि के जातकों को फायदा तो कुछ राशि के जातकों को संभलकर चलना होगा। ऐसे में जिन राशि के जातकों शनि की चाल बदलने से नुकसान होगा उन्हें शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय जरूर करना चाहिए। 

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शनि मार्गी 2023
शनिदेव 4 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर अपनी स्वराशि कुंभ में मार्गी होंगे। शनिदेव 30 जून 2024 तक मार्गी अवस्था में रहेंगे। शनि की चाल में बदलाव से सभी 12 राशियों के जातकों पर प्रभाव देखने को मिलेगा। वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। शनि किसी राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि कुंभ और मकर राशि के स्वामी ग्रह होते हैं। शनिदेव तुला राशि में उच्च के होते हैं यानी इसमें वह सदैव अच्छा फल ही प्रदान करते हैं। शनि इस समय 30 वर्षों बाद अपनी स्वराशि कुंभ में विराजमान हैं जहां पर अपनी मूल त्रिकोण राशि में हैं। शनि के कुंभ राशि में होने से मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती है जबकि कर्क और वृश्चिक राशि में शनि की ढैय्या चल रही है। 

शनि के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय
जब भी शनि ग्रह राशि बदलते हैं या फिर अपनी चाल में परिवर्तन लाते हैं और अन्य ग्रहों के साथ युति बनाते हैं तो हर एक राशि के जातकों के जीवन पर इसका असर जरूर पड़ता है। शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए ज्योतिष में कुछ उपाय बताए गए हैं जिसको करने से व्यक्ति के जीवन से शनि का दुस्प्रभाव कम हो जाता है। 
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- अपने ऊपर से शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए हर शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 
- शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ और शिवलिंग का जलाभिषेक करें। 
- भगवान शनिदेव से जुड़े  ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः’ और ‘ॐ शं शनिश्चरायै नमः’ इन दो मंत्रों का जाप करें।

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