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Shani Sade Sati: कहीं आप पर तो नहीं है शनि की टेढ़ी नजर, जानिए अगले 10 साल तक किस पर रहेगा साढे़साती का प्रकोप

Wed, 03 Jul 2024 03:08 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

शनि साल 2023 से अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान हैं। अब शनि देव अगले साल यानी साल 2025 में राशि परिवर्तन करेंगे। शनि के गोचर होने से किस राशि पर आने वाले 10 वर्षों में टेढ़ी नजर होगी इसका ज्योतिषीय विश्लेषण
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Shani Dev- मौजूदा समय में शनिदेव अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान हैं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Shani Sade Sati: शनि सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं जिसके कारण इनका शुभ या अशुभ प्रभाव जातकों के जीवन पर लंबे समय तक रहता है। शनि एक राशि से दूसरी राश में गोचर करने में करीब ढ़ाई वर्षो का समय लेते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि के राशि परिवर्तन करने से किसी राशि पर साढ़ेसाती की शुरुआत होती हो तो किसी पर चल रही साढ़ेसाती खत्म हो जाती है। ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्याय का देवता माना गया है और व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। शनि सभी 12 राशियों का एक चक्कर लगाने में करीब 30 साल का समय लेते हैं। आपको बता दें कि शनि साल 2023 से अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान हैं। अब शनि देव अगले साल यानी साल 2025 में राशि परिवर्तन करेंगे। शनि के गोचर होने से किस राशि पर आने वाले 10 वर्षों में टेढ़ी नजर होगी इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं। 

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साल 2025 में शनि की साढ़ेसाती किस पर होगी शुरू
न्याय और कर्म के देवता शनि 29 मार्च 2025 को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। जिसके चलते मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा। ऐसे में मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा, कुंभ राशि पर आखिरी चरण और मेष राशि पर पहला चरण होगा। 

साल 2025 में किस राशि से हटेगी शनि की साढ़ेसाती
आगामी 29 मार्च 2025 को जैसे ही शनि राशि परिवर्तन करेंगे तक मकर राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती से छुटकारा मिल जाएगा। वहीं कर्क और वृश्चिक राशि वालों को शनि की ढैय्या से मुक्ति मिलेगी।  
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अगले 10 वर्षों तक इन राशियों पर रहेगी शनि की साढ़ेसाती 
मौजूदा समय में शनिदेव अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान हैं। जब शनिदेव अगले साल यानी 2025 में मीन राशि में गोचर करेंगे तब 3 जून 2027 तक कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव देखने को मिलेगा। शनि के मीन राशि में गोचर करने से मेष राशि पर शुरू होगा जो साल 2032 तक रहेगा। वृषभ राशि पर साल 2027 तक शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा। मिथुन राशि पर 8 अगस्त 2029 से साढ़ेसाती शुरू होगी जो साल 2036 तक चलेगी। कर्क राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का प्रभाव 2032 से 2038 तक रहेगा। ऐसे में आने वाले कुछ वर्षों तक शनि की द्दष्टि कुंभ,मीन, मिथुन, मेष और कर्क राशि पर रहेगी। 

मेष से लेकर मीन राशि में कब से कब तक रहेगी शनि की साढ़ेसाती
 
राशि शनि की साढ़ेसाती
मेष 29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 तक
वृषभ 3 जून 2027 से 13 जुलाई 2034 तक
मिथुन 8 अगस्त 2029 से 27 अगस्त 2036 तक
कर्क 31 मई 2032 से 22 अक्टूबर 2038 तक
सिंह 13 जुलाई 2034 से 29 जनवरी 2041 तक
कन्या 27 अगस्त 2036 से 12 दिसंबर 2043 तक
तुला 22 अक्टूबर 2038 से 8 दिसंबर 2046 तक
वृश्चिक 28 जनवरी 2041 से 3 दिसंबर 2049 तक
धनु राशि 12 दिसंबर 2043 से 3 दिसंबर 2049 तक
मकर राशि साढ़ेसाती जारी और 29 मार्च 2025 को समाप्त 
कुंभ 24 जनवरी 2022 से जारी और 3 जून 2027 को समाप्त
मीन साढ़ेसाती का दूसरा चरण जारी

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