14 सितंबर से सबसे ज्यादा शुभ फल देने वाले गुरु ग्रह मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मकर राशि के स्वामी शनिदेव के भी साथ ही गोचर करने के फलस्वरूप इनका नीच भंग योग बनेगा।
ज्योतिषशास्त्र और ग्रहों के नजरिए से 14 सितंबर 2021 का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है। ज्योतिष में शनि और गुरु ग्रह का प्रभाव बहुत ही विशेष होता है। 14 सितंबर को ये दोनों ग्रह मकर राशि में एक साथ आ जाएंगे। शनि ग्रह साल 2020 से ही स्वयं की राशि मकर में हैं अब इनके साथ गुरु ग्रह भी मकर में आ जाएंगे। इसके अलावा शनि और गुरु दोनों मकर राशि में उल्टी चाल यानी वक्री अवस्था में गोचर करेंगे। देवगुरु बृहस्पति कुंभ राशि में वक्री अवस्था में गोचर करते हुए 14 सितंबर को दोपहर 2 बजकर 28 मिनट पर शनि देव की स्वयं की मकर राशि में प्रवेश करेंगे। जहां ये 18 अक्टूबर की सुबह 10 बजकर 53 मिनट पर मार्गी होंगे। ये 20 नवंबर को रात्रि 11 बजकर 17 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मकर इनकी नीच राशि है किंतु इस राशि के स्वामी शनिदेव के भी साथ ही गोचर करने के फलस्वरूप इनका नीच भंग योग बनेगा, जिसके परिणाम स्वरूप गुरु के अति अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
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चार राशियों के लिए बहुत ही शुभ रहेगा गुरु का गोचर
14 सितंबर से सबसे ज्यादा शुभ फल देने वाले गुरु ग्रह मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इनके राशि परिवर्तन से वृषभ, कर्क, तुला और मकर राशि के जातकों कई तरह के शुभ फल की प्राप्ति होगी। गुरु के मकर राशि में आने से नए- नए मौके मिलेंगे। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होने लगेगा। जो जातक नौकरी में हैं उन्हे बहुत अच्छी नौकरी के मौके मिलेंगे। बिजनेस करने वाले जातकों को मुनाफा मिलने के योग है।
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ये राशि वाले रहें सतर्क
14 सितंबर से मकर राशि में गुरु और शनि की युति होने से मेष, मिथुन, सिंह और वृश्चिक राशि के जातकों को कुछ परेशानियों का सामना करन पड़ सकता है। पैसों के मामलों में हानि हो सकती है। बेवजह वाद-विवाद हो सकता है।
इन राशियों पर मिलाजुला असर
गुरु का मकर राशि में गोचर कन्या, धनु, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए मिलाजुला रहेगा।
आगे विस्तार से पढ़ें गुरु के मकर राशि में गोचर से सभी 12 राशियों पर प्रभाव
मेष राशि-
राशि से दशम कर्म भाव में गोचर करते हुए बृहस्पति उत्तम पद, मान-प्रतिष्ठा तथा लौकिक सुखों की वृद्धि करेंगे। नौकरी में भी स्थान परिवर्तन करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। उच्चाधिकारियों से संबंध बिगड़ने न दें। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्यो का निपटारा होगा। कोई भी बड़े से बड़ा व्यापार आरंभ करना हो अथवा किसी नये अनुबंध पर हस्ताक्षर करना हो तो उस दृष्टि से भी ग्रह-गोचर अनुकूल रहेगा। योजनाएं गोपनीय रखें और आगे बढ़े।
वृषभ राशि-
राशि से नवम भाग्य भाव में गोचर करते हुए बृहस्पति अति शुभ फल प्रदान करेंगे। धर्म एवं आध्यात्म के कार्यों में रुचि बढ़ेगी। संतान संबंधी चिंता में कमी आएगी। नवदंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति अथवा प्रादुर्भाव के भी योग। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में नौकरी हेतु प्रयास करना चाह रहे हों तो ग्रह अनुकूल रहेंगे। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए समय और अनुकूल रहेगा।
मिथुन राशि-
राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए बृहस्पति का प्रभाव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल रहेगा किसी लंबी बीमारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सावधान रहें। दांपत्य जीवन के प्रति अधिक संवेदनशीलता रखनी होगी। विवाह संबंधित वार्ता में थोड़ा विलंब होगा। ससुराल पक्ष से रिश्ते बिगड़ने न दें। कार्य क्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। कोर्ट कचहरी से संबंधित मामले भी बाहर ही सुलझा लेना समझदारी होगी। सम्मान अथवा पुरस्कार प्राप्ति के योग हैं।
कर्क राशि-
राशि से सप्तम दाम्पत्य भाव में गोचर करते हुए गुरु का प्रभाव बेहतरीन सफलता दिलाएगा। काफी दिनों से चली आ रही कार्य बाधा दूर होगी। शक्ति-सामर्थ्य का पूर्ण उपयोग करते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे। विवाह से संबंधित वार्ता में भी सफलता मिलेगी। साझा व्यापार करने से परहेज करें। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों से संबंधित किसी भी तरह के टेंडर आदि का आवेदन करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। शासन सत्ता का भी पूर्ण सहयोग मिलेगा।
सिंह राशि-
राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर करते हुए बृहस्पति का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। स्वास्थ्य पर तो प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा ही गुप्त शत्रु बनेंगे भी और नष्ट भी होंगे। आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश कर सकते हैं सावधान रहें। झगड़े विवाद तथा कोर्ट कचहरी के मामले भी आपस में सुलझाएं। कार्य व्यापार के मामलों में सामन्य सफलता मिलेगी। आय की वृद्धि होगी, विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास भी सफल रहेगा।
कन्या राशि-
राशि से पंचम विद्या भाव में गोचर करते हुए गुरु का प्रभाव शिक्षा प्रतियोगिता में आशातीत सफलता देगा। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी नव दंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग। प्रेम संबंधी मामलों में उदासीनता रहेगी इसलिए अपने कार्य पर अधिक ध्यान दें। लेखन, पठन-पाठन तथा नीति शास्त्रों में विशेष रुचि होगी। आपके द्वारा लिए गए निर्णय और किए गए कार्यों की सराहना भी होगी। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाइयों से सहयोग मिलेगा।
तुला राशि-
राशि से चतुर्थ सुख भाव में गोचर करते हुए गुरु का प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा। किसी न किसी कारण से पारिवारिक कलह एवं मानसिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है। जमीन जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। वाहन आदि का क्रय भी करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। महिलाओं के लिए समय अपेक्षाकृत और बेहतर रहेगा। किसी भी तरह के चुनाव में किस्मत आजमाना चाहें तो ग्रह गोचर अनुकूल रहेंगे। उच्चाधिकारियों से सहयोग मिलेगा।
वृश्चिक राशि-
राशि से तृतीय पराक्रम भाव में गोचर करते हुए बृहस्पति का प्रभाव सामान्य ही रहेगा किंतु साहस और पराक्रम की वृद्धि होगी। अपनी रणनीतियों को गोपनीय रखते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे। धर्म एवं अध्यात्म के मामलों में गहरी रूचि रहेगी। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए समय और अनुकूल रहेगा।
धनु राशि-
राशि से द्वितीय धन भाव में गोचर करते हुए बृहस्पति का प्रभाव आर्थिक पक्ष तो मजबूत करेगा ही दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद। इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा आर्थिक हानि से इनकार नहीं किया जा सकता। हो सकता है किसी कारण से परिवार में मनमुटाव की स्थिति उत्पन्न हो किंतु इसे ग्रह योग समझकर बढ़ने न दें। अपनी वाणी कुशलता के बल पर कठिन परिस्थितियों पर भी आसानी से नियंत्रण पा लेंगे।
मकर राशि-
आपकी राशि में गोचर करते हुए बृहस्पति का प्रभाव हर तरफ से लाभ ही देगा क्योंकि, इस राशि पर नीच का होते हुए भी इनका नीच योग भंग हो चुका है शासन सत्ता का पूर्ण सहयोग मिलेगा। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे। किसी भी तरह की सरकारी सर्विस के लिए आवेदन करना चाहें अथवा सरकारी टेंडर के लिए भी आवेदन करना चाहें तो ग्रह गोचर अच्छे लाभ दिलाएंगे सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी और किए गए कार्यों की सराहना होगी।
कुंभ राशि-
राशि से द्वादश हानि भाव में गोचर करते हुए गुरु का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। भागदौड़ की अधिकता रहेगी, यात्रा सावधानीपूर्वक करें, वाहन दुर्घटना से बचें, विवादों से दूर रहें। कष्ट कारक यात्राएं भी करनी पड़ेगी। मित्रों तथा संबंधियों से भी अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग। झगड़े विवाद तथा कोर्ट कचहरी से संबंधित मामले भी बाहर ही सुलझाएं। विद्यार्थियों अथवा प्रतियोगिता में बैठनेवाले छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए कठिन प्रयास करने होंगे।
मीन राशि-
राशि से एकादश लाभ भाव में गोचर करते हुए बृहस्पति का प्रभाव अच्छा ही रहेगा। स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा। शिक्षा प्रतियोगिता में अच्छी सफलता मिलेगी। आकस्मिक धन प्राप्ति का योग बनेगा। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा भाइयों से सहयोग की उम्मीद। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। नवदंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग। प्रेम संबंधी मामलों में प्रगाढ़ता आएगी। प्रेम विवाह भी करना चाह रहे हों तो ग्रह गोचर अनुकूल रहेंगे।