जीवन और मृत्यु का रहस्य ऐसा है
जिसे हर कोई जानना चाहता है, आप भी जानना चाहते होंगे। जीवन के बाद क्या होगा यह
जानने के लिए पुराणाओं और उपनिषदों में लिखी बातों पर ही यकीन करना होगा क्योंकि
इसका सत्य जानने के बाद हम किसी को कुछ बताने के लिए इस धरती पर नहीं रहते हैं।
लेकिन यह आप जरूर जान सकते हैं कि आपकी कुल आयु कितनी होगी।
समुद्रशास्त्र
में कहा गया है कि हाथ की लकीरों के अलावा माथे की लकीरों से भी आयु का ज्ञान
प्राप्त किया जा सकता है। इस शास्त्र के अनुसार माथे की चार लकीरें जो एक ओर से
दूसरी ओर कनपटी को छूती हों वह उत्तम होती हैं। ऐसा व्यक्ति दीर्घायु होता है,
प्राचीन काल में लोगों की आयु अधिक होती थी इसलिए उस समय इस तरह की मस्तिष्क रेखा
वालों को शतायु कहा जाता था यानी सौ साल जीने वाला।
माथे की एक रेखा 25 वर्ष
की आयु को दर्शाता है। यह रेखा जितनी साफ और स्पष्ट होती है उतनी ही उत्तम मानी
जाती है। माथे की लकीरों से आयु जानने के लिए एक अन्य आसान तरीका यह है कि अपनी
उंगली से अपने शरीर को नापें। भविष्य पुराण के अनुसार अपनी उंगलियों से जो व्यक्ति
एक सौ आठ यानी चार हाथ बारह उंगली का होता है वह भाग्यशाली होता है।
ऐसा
व्यक्ति लंबे समय तक पृथ्वी का भोग प्राप्त करके यहां से विदा होता है। जिन
व्यक्तियों का शरीर उंगली से नापने पर सौ उंगली होता है। वह मध्यम आयु वाले और
मध्यम जीवन जीने वाले होते हैं। नब्बे और इससे कम उंगली का होना आयु के लिए अच्छा
नहीं माना जाता है। ऐसा व्यक्ति औसत जीवन जीता है।
नोट: उंगली से शारीर को नापने के लिए सभी उंगलियों को एक साथ मिलाकर सिर से लेकर पैर तक नापें।