ऋषि कपूर इन दिनों बॉलीवुड इंडस्ट्री के साथ-साथ आम लोगों में भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने अपनी किताब 'खुल्लम खुल्ला' में कुछ ऐसे खुलासे किए हैं कि जिस पर यकीन करना मुश्किल है। उन्होंने अपने साथ काम करने वाले हीरो-हीरोइन से लेकर अवॉर्ड खरीदने तक की बात सबके सामने रखी है। उन्होंने तो बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन को भी नहीं छोड़ा। अमिताभ के बारे में भी ऋषि कपूर ने अपनी किताब में कई खुलासे किए हैं।
ऋषि कपूर ने अमिताभ को बताया घमंडी, कहा-कभी दूसरे हीरो को क्रेडिट नहीं देते
आपको बता दें कि बॉलीवुड के महानायक का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा है कि अमिताभ बच्चन अपने ऊपर बहुत घमंड करते हैं। वो फिल्म में अपने किरदार को सर्वश्रेष्ठ मानते हैं। उन्होंने कहा कि ये बात सच है कि एक दौर था जब अमिताभ बच्चन फिल्मों में एक्शन हीरो के तौर पर जाने जाते थे। लोग उन्हें फिल्मों का एंग्री यंग मैन कहते थे लेकिन मल्टी स्टारर फिल्म में हर एक हीरो का किरदार अहम होता है।
ऋषि कपूर ने अमिताभ को बताया घमंडी, कहा-कभी दूसरे हीरो को क्रेडिट नहीं देते
उनका कहना है कि अमिताभ अपने किसी भी को-स्टार को फिल्म का क्रेडिट नहीं देते थे। चाहे वो शशि कपूर हों, धर्मेंद्र हो, विनोद मेहरा हों या फिर वो। अमिताभ बच्चन को हर समय यही लगता था कि फिल्म में उनके अलावा और कोई जरूरी नहीं है।
ऋषि कपूर ने अमिताभ को बताया घमंडी, कहा-कभी दूसरे हीरो को क्रेडिट नहीं देते
ऋषि कपूर का कहना है कि उस समय ज्यादातर मल्टी स्टारर फिल्में एक्शन की कहानी पर आधारित होती थी। ऐसे में हर हीरो की अहमियत को समझना जरूरी होता है लेकिन अमिताभ बच्चन ऐसा नहीं करते थे। उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की सफलता का कारण निर्देशक और कहानी को दिया है।
ऋषि कपूर ने अमिताभ को बताया घमंडी, कहा-कभी दूसरे हीरो को क्रेडिट नहीं देते
ऋषि कपूर ने साफ कहा है कि इसके लिए हम जैसे हीरो अपने आप को कमजोर नहीं मानते बल्कि उस समय टेढ़ा सिक्का चल रहा था। उन्होंने बताया कि 'खून पसीना' फिल्म में विनोद खन्ना ने बेहतरीन काम किया था। वहीं 'काला पत्थर' में शत्रुघ्न सिन्हा का किरदार भी शानदार था। इसके अलावा शशि अंकल ने भी 'कभी-कभी' फिल्म में अपना जादू चलाया था पर इन सभी फिल्मों का श्रेय अकेले अमिताभ बच्चन ही ले गए।