{"_id":"5950e9374f1c1b6b058b48fc","slug":"unknown-facts-about-the-most-haunted-place-of-india-bhangarh-fort-in-rajasthan","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यहां रात गुजारने वाला कभी नहीं लौटा, 'दो' श्राप जिसने रातों-रात वीरान कर दिया पूरा किला...","category":{"title":"Supernatural Stories","title_hn":"भूत-प्रेत","slug":"super-natural-stories"}}
यहां रात गुजारने वाला कभी नहीं लौटा, 'दो' श्राप जिसने रातों-रात वीरान कर दिया पूरा किला...
amarujala.com- Written by: हर्षिता
Updated Tue, 27 Jun 2017 02:23 PM IST
विज्ञापन
Bhangarh
- फोटो : indianghoststories.
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कभी आबाद और खुशहाल था यह किला
Bhangarh
भूतिया किले के पास हैं दर्जनों मंदिर
इलाके में दाखिल होते ही सोमेश्वर, हनुमान, कृष्ण केशव, मंगला देवी समेत दर्जनों मंदिर हैं। इन्हें देख आप सोच में पड़ जाएंगे कि भगवान के होते हुए भी यहां भूत कैसे हो सकते हैं।
इलाके में दाखिल होते ही सोमेश्वर, हनुमान, कृष्ण केशव, मंगला देवी समेत दर्जनों मंदिर हैं। इन्हें देख आप सोच में पड़ जाएंगे कि भगवान के होते हुए भी यहां भूत कैसे हो सकते हैं।
Bhangarh
नहीं है किसी भी इमारत की छत
किले के अंदर किसी भी इमारत की छत नहीं है। लेकिन ताज्जुब ये कि सभी मंदिर सही सलामत हैं।
किले के अंदर किसी भी इमारत की छत नहीं है। लेकिन ताज्जुब ये कि सभी मंदिर सही सलामत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Bhangarh
शापित है यह किला
कहा जाता है कि जिस जगह महल बना उसके पास गुरू बालू नाथ रहते थे। उन्होंने महल निर्माण के दौरान चेतावनी दी थी कि महल की परछाईं उनके ध्यान करने वाली जगह पर नहीं पड़े वरना पूरा नगर तबाह हो जाएगा। लेकिन किसी ने इस बात पर गौर नहीं किया। इसी श्राप के कारण पूरा किला रातों-रात वीरान हो गया।
कहा जाता है कि जिस जगह महल बना उसके पास गुरू बालू नाथ रहते थे। उन्होंने महल निर्माण के दौरान चेतावनी दी थी कि महल की परछाईं उनके ध्यान करने वाली जगह पर नहीं पड़े वरना पूरा नगर तबाह हो जाएगा। लेकिन किसी ने इस बात पर गौर नहीं किया। इसी श्राप के कारण पूरा किला रातों-रात वीरान हो गया।
विज्ञापन
Bhangarh
तांत्रिक ने भी दिया था श्राप
किंवदंती है कि शींडा नाम के तांत्रिक ने मरने से पहले किले की बर्बादी का श्राप दिया था। मिथकों के अनुसार तांत्रिक शींडा भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती को पसंद करता था। राजकुमारी को वश में करने के लिए उनके इत्र पर जादू-टोना कर दिया। लेकिन रत्नावती को यह बात पता चल गई और उसने तेल को पत्थर पर फेंक दिया। इसी पत्थर से कुचलकर तांत्रिक की मौत हो गई। घटना के बाद भानगढ़ पर अजबगढ़ ने आक्रमण किया। युद्ध के दौरान किले में रह रहा हर एक शख्स मार डाला गया।
किंवदंती है कि शींडा नाम के तांत्रिक ने मरने से पहले किले की बर्बादी का श्राप दिया था। मिथकों के अनुसार तांत्रिक शींडा भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती को पसंद करता था। राजकुमारी को वश में करने के लिए उनके इत्र पर जादू-टोना कर दिया। लेकिन रत्नावती को यह बात पता चल गई और उसने तेल को पत्थर पर फेंक दिया। इसी पत्थर से कुचलकर तांत्रिक की मौत हो गई। घटना के बाद भानगढ़ पर अजबगढ़ ने आक्रमण किया। युद्ध के दौरान किले में रह रहा हर एक शख्स मार डाला गया।