यूपीएससी ने बताया मंजूनाथ की मौत का सच
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मंजूनाथ की आत्महत्या के बाद सिविल सेवा के रिजल्ट में धांधली के आरोपों से घिरे यूपीएससी ने सफाई दी है कि उसने तो प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं की थी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपों को खारिज करते हुए यूपीएससी ने कहा कि रिजल्ट प्रकाशित करने में किसी तरह की गलती नहीं हुई है। 538950 रोल नंबर के साथ मंजूनाथ ने बेंगलुरू में परीक्षा दी थी लेकिन वह प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर पाया।
यूपीएससी का कहना है कि मंजूनाथ ने मेंस और इंटरव्यू में शामिल होने की जो जानकारी दी थी, वह सही नहीं है।
रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाकर की आत्महत्या
यूपीएससी पर आईएएस परीक्षा के नतीजों में हुई गड़बड़ी का आरोप लगाकर 24 वर्षीय मंजूनाथ ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस के अनुसार, वह अपने नतीजे की सही जानकारी नहीं मिलने से परेशान था। मंजूनाथ का दावा था कि परीक्षा की मेरिट लिस्ट में 264 वीं रैंक में उसके रोल नंबर के आगे किसी अन्य परीक्षार्थी का नाम लिखा था।
मंजूनाथ का कहना था कि उसने गड़बड़ी के बारे में परीक्षा के आयोजक यूपीएससी से बात की। लेकिन किसी तरह का जवाब नहीं पाने के बाद उसने आत्महत्या कर ली।