पहली बार वेस्टइंडीज को नहीं मिला चैंपियंस ट्रॉफी का टिकट
चैंपियंस ट्रॉफी इतिहास में यह पहला मौका है जब वेस्टइंडीज इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी है। चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लेने वाली टीमों की संख्या को आईसीसी ने घटाकर 10 से 8 कर दिया। आईसीसी रैंकिंग में क्वालीफिकेशन की डेट 30 सितंबर 2015 थी। उस वक्त कैरेबियाई टीम नवें पायदान पर थी। ऐसे में उसके हाथ से मौका चला गया। वेस्टइंडीज ने साल 2004 में इंग्लैंड को मात देकर खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा वह दो बार साल 1998 और 2006 में फाइनल में पहुंची थी।
बांग्लादेश की चैंपियंस ट्रॉफी में 11 साल बाद वापसी हुई है। साल 2017 से पहले बांग्लादेश नें साल 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लिया था।
साल 2008 में चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी पाकिस्तान को करनी थी। लेकिन कई देशों द्वारा सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान जाने से इंकार करने के बाद मेजबानी दक्षिण अफ्रीका को सौंपी गई। जहां अक्टूबर 2009 में इसका आयोजन किया गया।
चैंपियंस ट्रॉफी: इस मामले में भारत सबसे आगे, पाकिस्तान सबसे फिसड्डी
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चैंपियंस ट्रॉफी
- फोटो : GETTY
2021 में आखिरी बार होगा चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन
चैंपियंस ट्रॉफी के पहले दो संस्करण (1998, 2000) नॉकआउट आधार पर खेले गए थे। लेकिन इसके बाद पैटर्न में बदलाव किया गया। 1998 में केवल 8 और 2000 में 10 मैच खेले गए थे।
1998 में बांग्लादेश में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दक्षिण अफ्रीका ने जीता था। यह तब से लेकर तक अब तक दक्षिण अफ्रीका द्वारा जीता गया इकलौता आईसीसी चैंपियनशिप खिताब है।
चैंपियंस ट्रॉफी का भविष्य आज भी अधर में है माना जा रहा है कि साल 2021 में आखिरी बार इस टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। इसकी जगह पर एक नई आईसीसी लीग का आयोजन किया जाएगा वह 2019 में शुरू होगी। 2021 में इस टूर्नामेंट की मेजबानी भारत करेगा।
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चैंपियंस ट्रॉफी में अमेरिका
पहली बार अमेरिका ने लिया आईसीसी के किसी इवेंट में भाग
साल 2004 में आश्चर्यजनक रूप से एक नॉन क्रिकेटिंग नेशन संयुक्त राज्य अमेरिका यानी यूएसए की टीम पहली बार आईसीसी ट्रॉफी में खेलती नजर आई। इंग्लैंड में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी में अमेरिका ने अपना पहला मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था जिसमें अमेरिका को 210 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा था।
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत-पाकिस्तान के बीच तीन बार भिडंत हुई है जिसमें से 2 बार पाकिस्तान और एक बार भारतीय टीम विजयी हुई है। 2013 में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ 8 विकेट से जीत हासिल हुई है। इससे पहले साल 2004 में पाकिस्तान ने भारत को 3 विकेट और साल 2009 में 52 रन से मात दी थी।
चैंपियंस ट्रॉफी में पहली बार 300 रन के आंकड़े को पार करने वाली पहली टीम भारत थी। भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी में अपने पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ढाका में निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट पर 307 रन बनाए थे। इस स्कोर का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम 263 रन पर ढेर हो गई थी।
चैंपियंस ट्रॉफी में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के शेन वाटसन के नाम दर्ज है। 15 पारियों में वाटसन 4 बार शून्य पर आउट हुए हैं।
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भारतीय टीम का जीत प्रतिशत सबसे ज्यादा
चैंपियंस ट्रॉफी में सबसे ज्यादा जीत प्रतिशत भारत का है। भारतीय टीम ने सात संस्करणों में 23 मैच खेले जिसमें से 15 में जीत, 6 में हार मिली। वहीं 2 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकला। इसका मतलब भारत का जीत प्रतिशत 71.42 प्रतिशत है।
चैंपियंस ट्रॉफी के सभी संस्करणों में भाग लेने वाली टीमों में सबसे खराब जीत प्रतिशत पाकिस्तान का है। पाकिस्तान अब तक केवल 38.88 प्रतिशत मैचों में जीत हासिल कर सका है। हालांकि भारते के खिलाफ उसका जीत प्रतिशत 66 प्रतिशत है।
सात टीमें लगातार 8वीं बार चैंपियंस ट्रॉफी में भाग ले रही हैं। ये टीमें ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका अब तक आयोजित सभी चैंपियंस ट्रॉफी में खेलती नजर आई हैं।
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दो टीमों का नहीं पूरा हुआ खिताबी जीत का सपना
पाकिस्तान और इंग्लैंड अब तक चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीतने में नाकामयाब रही है। इन दोनों टीमों ने हर बार चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लिया है लेकिन इनका खिताब जीतने का सपना अबतक पूरा नहीं हो सका। पाकिस्तान साल 2000, 2004 और 2009 में सेमीफाइनल तक पहुंची। जबकि इंग्लैंड दो बार साल 2004 और 2013 में फाइनल में पहुंचने के बाद भी खिताब से जीतने में कामयाब नहीं हो पाई।
साल 2000, 2002, 2013 में भारतीय बल्लेबाज रन प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची में सबसे ऊपर थे। साल 2000 में सौरव गांगुली(348), साल 2002 में वीरेंद्र सहवाग(271), साल 2013 में शिखर धवन(363) सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे।
साल 2013 में इंग्लैंड में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया ने खिताब अपने नाम किया था। इस दौरान टीम इंडिया एक भी मैच नहीं हारी थी। रविंद्र जडेजा( प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तो शिखर धवन(363) सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे।
न्यूजीलैंड के गेंदबाज काइल मिल्स चैंपियंस ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने 15 मैचों में 28 विकेट चटकाए हैं।