{"_id":"5909a1274f1c1ba874441842","slug":"bcci-does-not-have-a-right-to-pull-out-of-champions-trophy-says-vinod-rai","type":"story","status":"publish","title_hn":"CoA की दो टूक, अपनी मनमर्जी से कोई भी बड़ा फैसला न ले BCCI","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
CoA की दो टूक, अपनी मनमर्जी से कोई भी बड़ा फैसला न ले BCCI
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Wed, 03 May 2017 02:57 PM IST
विज्ञापन
नई दिल्ली
- फोटो : SELF
विनोद राय की अगुआई वाली प्रशासक समिति (सीओए) ने स्पष्ट किया है कि उसकी स्वीकृति के बिना बीसीसीआई भारत के चैम्पियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेने के बारे में कोई फैसला करने का अधिकार नहीं है। आईसीसी के राजस्व और संचालन मॉडल में बदलाव के विरोध पर मतदान में बीसीसीआई की हार के बाद भारत के चैम्पियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेने को लेकर अटकलें लगाई जा रही है।
राय ने कहा, "हां, हमने निर्देश जारी किए हैं कि आईसीसी राजस्व मॉडल से संबंधित कोई भी फैसला विशेष सभा की विशेष बैठक (एसजीएम) में लिया जाना चाहिए। वे हमारी स्वीकृति के बिना चैम्पियंस ट्रॉफी से हटने के संदर्भ में कानूनी नोटिस जारी नहीं कर सकते।" बीसीसीआई की एसजीएम सात मई को होनी है।
सीओए ने ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि कुछ सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के 10 करीबियों ने टेलीकांफ्रेंस में तय किया कि भारत इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं लेगा। इसके अलावा आईसीसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया गया।
विज्ञापन
राय ने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि इस तरह का फैसला जल्दबाजी में नहीं किया जा सकता। चैम्पियंस ट्रॉफी से हटने के कारण भारत अगले आठ साल तक आईसीसी टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएगा। कुछ सदस्य इस पर फैसला नहीं कर सकते। अगर भारत को चैंपियंस ट्रॉफी से नाम वापिस लेना है तो उसे बीसीसीआई एसजीएम में सभी 30 सदस्यों का सर्वसम्मत फैसला होना चाहिए।
विज्ञापन
राय ने कहा, "हां, हमने निर्देश जारी किए हैं कि आईसीसी राजस्व मॉडल से संबंधित कोई भी फैसला विशेष सभा की विशेष बैठक (एसजीएम) में लिया जाना चाहिए। वे हमारी स्वीकृति के बिना चैम्पियंस ट्रॉफी से हटने के संदर्भ में कानूनी नोटिस जारी नहीं कर सकते।" बीसीसीआई की एसजीएम सात मई को होनी है।
विज्ञापन
सीओए ने ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि कुछ सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के 10 करीबियों ने टेलीकांफ्रेंस में तय किया कि भारत इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं लेगा। इसके अलावा आईसीसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया गया।
विज्ञापन
राय ने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि इस तरह का फैसला जल्दबाजी में नहीं किया जा सकता। चैम्पियंस ट्रॉफी से हटने के कारण भारत अगले आठ साल तक आईसीसी टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएगा। कुछ सदस्य इस पर फैसला नहीं कर सकते। अगर भारत को चैंपियंस ट्रॉफी से नाम वापिस लेना है तो उसे बीसीसीआई एसजीएम में सभी 30 सदस्यों का सर्वसम्मत फैसला होना चाहिए।