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Updates: UK सरकार के लोगो में किंग चार्ल्स-III का मुकुट; सिखों को मुस्लिम समझने पर बर्मिंघम विवि ने माफी मांगी

Tue, 20 Feb 2024 06:46 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

World Updates:  ब्रिटेन सरकार ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के लिए नया लोगो जारी किया है। इस लोगो में दिवंगत क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय की जगह किंग चार्ल्स तृतीय के मुकुट को दिखाया गया है। 
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ब्रिटेन सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर लोगो में बदलाव - फोटो : ब्रिटेन सरकार
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विस्तार
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ब्रिटेन सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर सोमवार को नया लोगो को जारी किया गया। इस लोगो में किंग चार्ल्स- तृतीय का गुंबदाकार मुकुट दिखाया गया है। इससे पहले, इसकी जगह दिवंगत क्वीन एलियाबेथ- द्वितीय का ताज दिखता था। वेबसाइट पर सरकार के सभी विभागों के प्रतीकों को इस नए लोगो से अपडेट किया जाएगा। 

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किंग चार्ल्स-तृतीय ने जब सिंहासन संभाला था तो उन्होंने ट्यूडर ताज को चुना था। इससे पहले क्वीन एलिजाबेथ-द्वितीय एडवर्ड ताज का इस्तेमाल करती थी। सरकार की आधिकारिक वेबसाइट GOV.UK है। इस वेबसाइट पर कई विभाग डिजिटली दिन-प्रतिदिन सेवाएं देते हैं।

देश के उप प्रधानमंत्री ओलिवर डाउडेन ने कहा, "किंग चार्ल्स तृतीय के राज्याभिषेक के बाद अब हम राज्य के प्रतीकों को ट्यूडर ताज के नए डिजाइन से अपडेट कर रहे हैं। डिजिटलीकरण हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है और किंग की सरकार के रूप में हम आज आधिकारिक वेबसाइट में किए गए इस बदलाव पर गर्व कर रहे हैं। हम अपने राजा के लिए चुनए गए मुकुट का सम्मान करते हैं।" 

संसदीय सचिव एलेक्सक बर्गहार्ट ने कहा, "यह वेबसाइट ब्रिटेन में रहने, पढ़ाई करने और काम करने वाले लोगों के जीवन का जरूरी हिस्सा है। इसका इस्तेमाल लाखों लोगों के द्वारा नियमित रूप से किया जाता है। कभी-कभी इस वेबसाइट का इस्तेमाल सरकार की योजनाओं का लाभ हासिल करने या नौकरी ढूंढने के लिए किया जाता है। हमने किंग के पसंद के ताज से वेबसाइट के लोगो को अपडेट किया है। यह वेबसाइट ब्रिटेन सरकार का विश्वसनीय और आधिकारिक डिजिटल घर है।"

यूएनएससी: अमेरिका का गाजा में संघर्ष विराम की मांग करने वाले प्रस्ताव पर वीटो
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) मंगलवार को इस्राइल-हमास युद्ध में मानवीय संघर्ष विराम का आह्वान करने वाले प्रस्ताव को पारित करने में विफल रही। दरअसल, अमेरिका एक बार फिर प्रस्ताव के खिलाफ वीटो किया है। पंद्रह सदस्यीय परिषद ने इस्राइल-हमास संघर्ष पर प्रस्ताव पर मतदान करने के लिए मंगलवार को बैठक की। इस प्रस्ताव को खाड़ी देशों की ओर से अल्जीरिया ने आगे बढ़ाया था। प्रस्ताव में तत्काल मानवीय युद्ध विराम की मांग की गई थी। प्रस्ताव के पक्ष में 13 मत पड़े। ब्रिटेन ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। लेकिन, मसौदे के खिलाफ अमेरिका के वीटो के कारण मसौदे को स्वीकार नहीं किया जा सका। 

भारतीय दूत ने कुवैत के नवनियुक्त वाणिज्य मंत्री से मुलाकात की

कुवैत में भारतीय राजदूत आदर्श स्वाइका ने मंगलवार को कुवैत के नवनियुक्त वाणिज्य-उद्योग मंत्री अब्दुल्ला हमद अलजौआन से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों पर प्रकाश डाला। बैठक में निवेश सहित द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की महत्वपूर्ण संभावनाओं पर चर्चा की गई। इससे पहले, कुवैत में भारतीय राजदूत ने कहा था कि दोनों देशों में द्विपक्षीय व्यापार 12.5 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच व्यापार में 90% वार्षिक उछाल देखा गया है।

बांग्लादेश की दक्षिणपंथी पार्टी ने खारिज किया इंडिया आउट अभियान

बांग्लादेशी दक्षिणपंथी पार्टी बांग्लादेश इस्लामी फ्रंट (बीआईएफ) ने सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे इंडिया आउट अभियान को खारिज करते हुए कहा कि उनका दल भारत के साथ अच्छे और करीबी रिश्तों का समर्थक है। हाल में ही हुए आम चुनावों में शेख हसीना के पीएम बनने पर चले इस अभियान पर पार्टी महासचिव अब्दुल समद ने कहा, इसे पिनाकी भट्टाचार्य नामक ब्लॉगर ने शुरू किया था। जिसमें नफरत का समर्थन था।

व्यापार-सहयोग बढ़ाने को भारतीय प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर पहुंचा

भारत के एक प्रतिनिधिमंडल ने व्यापार संबंधों को मजबूत करने और देश में निवेश आकर्षित करने के लिए सिंगापुर का दौरा किया। उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर में उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों के साथ चर्चा की और सोमवार को निवेशक गोलमेज सम्मेलन में हिस्सा लिया। सिंह ने ‘भारत-सिंगापुर व्यापार गोलमेज सम्मेलन’ को भी संबोधित किया।

सिंगापुर के एयर शो में विमानों का प्रदर्शन

एशिया का सबसे बड़ा सिंगापुर एयरशो मंगलवार को हवाई प्रदर्शनों के साथ शुरू हुआ। इसमें भारत के सारंग हेलिकॉप्टर ने कलाबाजियां दिखाईं। साथ ही, चीन के कोमैक सी-919 नैरो-बॉडी एयरलाइनर ने भी प्रदर्शन किया। भारतीय कंपनियां एयरशो में व्यावसायिक संभावनाओं से उत्साहित हैं।  सिंगापुर ने 2020 के बाद से इस कार्यक्रम को पहली बार जनता के लिए खोला है। महानिदेशक सुभाष मेनन ने कहा, इस साल का शो 1,000 से अधिक प्रदर्शकों के साथ आयोजित किया गया है।

सिखों को मुस्लिम समझने की भूल, बर्मिंघम विवि ने माफी मांगी

बर्मिंघम विश्वविद्यालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट को हटाते हुए माफी मांगी है। इस पोस्ट में ऐसा लग रहा था कि सिख छात्रों को मुसलमान समझने की भूल हुई है। ‘बर्मिंघम मेल’ की खबर के अनुसार, विवि द्वारा की गई पोस्ट में कहा गया था कि इस माह के प्रारंभ में यूनिवर्सिटी की सिख सोसाइटी द्वारा आयोजित 20वां ‘लंगर ऑन कैंपस’ कार्यक्रम इस्लामिक जागरूकता सप्ताह का हिस्सा था। सिख प्रेस एसोसिएशन के प्रवक्ता जसवीर सिंह ने कहा, यह देखकर निराशा और आश्चर्य भी हुआ। विवि के प्रवक्ता ने कहा, पोस्ट से लोगों के मन को जो ठेस पहुंची है, उसके लिए विश्वविद्यालय दिल से माफी मांगता है। 
विश्वविद्यालय परिसर में पहला लंगर 20 साल पहले लगाया था। इस महीने इसका 20वां साल था। ऐसे मौके पर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय की इस गलती को ‘स्तब्धकारी’ एवं ‘अविश्वसनीय’ बताया। सिख प्रवक्ता जसवीर सिंह ने कहा, विवि में सिख धर्म के पहलुओं को पढ़ाया जाता है, ऐसे में यह गलती ‘शर्मनाक’ है। इसके लिए दोनों समूहों से माफी मांगनी चाहिए।

ईरान, श्रीलंका कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करेंगे

ईरान और श्रीलंका ने मंगलवार को ऊर्जा क्षेत्र सहित कई क्षेत्रों में अपने सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने कोलंबो में मुलाकात की। द्विपक्षीय और आपसी हितों के मुद्दों पर 'व्यापक चर्चा' के लिए दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मंगलवार को कोलंबो पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन ने विदेश मंत्रालय में श्रीलंकाई समकक्ष अली साबरी से मुलाकात की।

ईरान के हमलों के खिलाफ कोलंबो के अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल होने की तैयारी की चर्चा हो रही है। ईरान ने लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर यमन समर्थित हूतियों का समर्थन किया है। साबरी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'ऊर्जा क्षेत्र सहित कई क्षेत्रों में हमारे सहयोग को और मजबूत करने पर हमने व्यापक चर्चा की। हम मिलकर काम करने और अपनी साझेदारी को और बढ़ाने पर सहमत हुए।' श्रीलंकाई समकक्ष के निमंत्रण पर कोलंबो का दौरा कर रहे अमीर-अब्दुल्लाहियन ने बाद में राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने से भी मुलाकात की।

बांग्लादेश के दक्षिणपंथी दल बीआईएफ ने इंडिया आउट अभियान को किया खारिज
बांग्लादेश के दक्षिणपंथी दल बांग्लादेश इस्लामी फ्रंट (बीआईएफ) ने सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे इंडिया आउट अभियान को खारिज करते हुए कहा कि उनका दल भारत के साथ अच्छे और करीबी रिश्तों का समर्थक है। हाल में ही हुए आम चुनावों में अवामी लीग की नेता शेख हसीना के प्रधानमंत्री बनने पर बांग्लादेश में सोशल मीडिया पर इंडिया आउट अभियान चलाया गया। इसे लेकर बीआईएफ के महासचिव अब्दुस समद ने कहा कि यह अभियान पिनाकी भट्टाचार्य नाम के एक कथित ब्लॉगर ने शुरू किया था, जिसका पू्र्व पीएम खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और कुछ कट्टरपंथियों ने समर्थन किया था। जाहरि तौर पर यह अभियान पूरी तरह से नफरत और भ्रामक जानकारियों पर आधारित था। इसे बांग्लादेश के लोगों ने तवज्जो नहीं दी और अब यहां इसकी कोई चर्चा नहीं है।
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रूस ने भारतीय हितों को नहीं पहुंचाई क्षति: जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि रूस ने कभी भारतीय हितों को क्षति नहीं पहुंचाई। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते हमेशा स्थिर और मैत्रीपूर्ण रहे हैं। दूसरी तरफ, पश्चिमी देशों की बात करें तो एक लंबे समय तक पाकिस्तान उनकी प्राथमिकता रहा। कई पश्चिमी देश भारत को नहीं बल्कि पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति करते थे। सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने म्यूनिख पहुंचे विदेश मंत्री ने जर्मनी के एक प्रमुख अखबार हैंडेल्सब्लैट को दिए साक्षात्कार में कहा कि हथियार आपूर्ति के मामले में पश्चिमी देशों की प्राथमिकताओं में बदलाव तो पिछले 10-15 सालों के दौरान आया है। उदाहरण के तौर पर अमेरिका के साथ रिश्तों की गतिशीलता ने भारतीय रक्षा सौदों को विविधतापूर्ण बना दिया है। अब अमेरिका, रूस, फ्रांस और इजरायल प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।

यूक्रेन युद्ध को लेकर बदले वैश्विक परिदृश्य के बावजूद भारत के रूसी तेल खरीदने को लेकर पूछे गए एक सवाल पर जयशंकर ने कहा, हर कोई पिछले अनुभवों के आधार पर संबंधों को आगे बढ़ाता है। अगर मैं आजादी के बाद भारत के इतिहास की बात करूं तो रूस की वजह से कभी भी हमारे हितों को नुकसान नहीं पहुंचा। रूस के साथ यूरोप, अमेरिका, चीन या जापान जैसी शक्तियों के संबंध भले ही उतार-चढ़ावों से गुजरते रहे हों, भारत-रूस संबंध हमेशा बेहतर रहे हैं।
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